नई दिल्ली, 18 दिसम्बर | पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने करोड़ों रुपये के शारदा चिटफंड घोटाले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की निंदा करते हुए इसी तरह के अन्य मामले में केंद्र सरकार की निष्क्रियता पर गुरुवार को ऊंगली उठाई। राष्ट्रीय राजधानी आईं ममता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय सचिव एस.एन.सिंह पर निशाना साधा, जिन्होंने कहा था कि यह समय सीबीआई से तृणमूल नेताओं के भागने का है।

ममता ने कहा, “सीबीआई को रवींद्र नाथ टैगोर के नोबेल पुरस्कार की चोरी का मामला सौंपा गया था, लेकिन इसका खुलासा करने में वह नाकाम रही। यह सिंगूर, नंदीग्राम, नेतई में भी नाकाम रही।” केंद्र सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए सीबीआई का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि भाजपा शारदा मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है, जिसके तहत उनकी पार्टी के राज्यसभा सांसदों-कुणाल घोष व सृंजय बोस तथा राज्य के मंत्री मदन मित्रा को गिरफ्तार किया गया है।

ममता ने कहा, “चोर की अम्मा सबसे तेज चीखती है। उन्होंने (भाजपा) इस मुद्दे का राजनीतिकरण किया है।” उन्होंने कहा कि वास्तवकि चोर देश के बाहर हैं और ईमानदार को चोर ठहरा दिया गया है। उन्होंने कहा, “चिटफंड केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। जब ये चिटफंड कंपनियां स्थापित हो रही थीं, तब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) तथा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) क्या कर रही थी?”

सिंह की टिप्पणी को दोहराते हुए ममता ने कहा, “वे भाग, भाग, भाग क्यों चिल्ला रहे हैं? कोई नहीं भागेगा। जनता आप लोगों को भगाएगी।”