कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है और जिलों में पहले से ही बाढ़ आश्रय गृह और राहत गोदामों का निर्माण किया गया है. मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट में कहा है कि राज्य सरकार किसी प्राकृतिक आपदा के दौरान लोगों को सतर्क करने के लिए एक एसएमएस आधारित त्वरित चेतावनी प्रणाली भी तैयार की है.

ममता ने ट्वीट में कहा, आज अंतरराष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण दिवस है. प्राकृतिक आपदाओं के आगमन के बारे में राज्य के लोगों को सतर्क करने के लिए हमारी सरकार ने एसएमएस आधारित त्वरित चेतावनी प्रणाली तैयार की है. जिले, अनुमंडल और प्रखंड स्तरों पर बाढ़ आश्रय गृह और राहत गोदामों का भी निर्माण किया गया है.

इन इलाकों में हो सकती है भारी बारिश
पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के जिलाधिकारी पी मोहन गांधी ने बताया कि खड़गपुर में एक फैक्टरी की दीवार गिर जाने से 35 साल के एक गार्ड की मौत हो गई. बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 10 अन्य लोग घायल हो गए. झाड़ग्राम जिले में तूफान की वजह से रोहिणी बाजार, संकरैल और झाड़ग्राम प्रखंड क्षेत्रों में कच्चे मकान और पंडाल गिर गए. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि गहरे दबाव की वजह से उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना, पूरबा, पश्चिमी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पूरबा बर्धमान, हावड़ा और हुगली जिलों में भारी वर्षा हो सकती है.

गहरे समुद्र में नहीं जाने की सलाह
विभाग ने कहा है कि कोलकाता, बांकुरा, पुरुलिया, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, माल्दा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर जिलों में शनिवार तक भारी वर्षा होने की संभावना है. पश्चिम बंगाल और ओड़िशा के समुद्र तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को शनिवार तक गहरे समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. दीघा और पास के अन्य समुद्री पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों को शनिवार तक सामुद्रिक गतिविधियों में नहीं शामिल होने का सुझाव दिया गया है. ओडिशा में चक्रवात ‘तितली’ के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर शुक्रवार को तीन हो गयी . राज्य सरकार ने बचाव और राहत अभियान तेज करने के लिए एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ कर्मियों को तैनात किया है.