नई दिल्ली: बजट सत्र के पहले दिन लोकसभा में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता पक्ष सहित विपक्ष के विभिन्न नेताओं से हास-परिहास के साथ मुलाकात की और तृणमूल कांग्रेस के एक नेता को कहते सुना गया कि ‘ऐसा मूड हमेशा दिखाते रहिए. बजट सत्र के पहले दिन सदन की कार्यवाही राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई और राष्ट्रपति के अभिभाषण की प्रति सदन के पटल पर रखी गयी. इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी. अगली बैठक शुक्रवार सुबह 11 बजे से होगी जब अंतरिम बजट पेश किया जाएगा.Also Read - 8 Years Of Modi Government: पीएम मोदी की वह 8 बड़ी योजनाएं जो आम आदमी के लिए वरदान साबित हुई | Watch

सदन की बैठक स्थगित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अग्रिम पंक्ति में बैठे सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं से मुलाकात की. उन्होंने केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान से मुलाकात की. उन्हें भाजपा सदस्य कलराज मिश्र से कुछ बातें करते हुए देखा गया. मोदी ने सपा के मुलायम सिंह यादव, कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय और जेडीएस के एच डी देवगौड़ा के पास जाकर उनसे हाथ मिलाया और कुशलक्षेम जाना. प्रधानमंत्री ने अकाली दल के प्रेमसिंह चंदूमाजरा, बीजद के भर्तृहरि महताब और सपा के धर्मेंद्र यादव से भी हाथ मिलाकर बातचीत की. Also Read - दिल्ली के प्रगति मैदान में पीएम मोदी ने उड़ाया ड्रोन। Watch Video

जब मोदी ने बंदोपाध्याय के पास पहुंचकर बातचीत की तो तृणमूल कांग्रेस नेता को कहते सुना गया, ‘ऐसा मूड हमेशा दिखाते रहिए.’ इस पर सदस्य हंस दिये. बाद में मोदी ने खड़गे के पास जाकर उनसे भी बातचीत की और कुछ सेकेंड की गुफ्तगू के बाद दोनों नेताओं को खुलकर हंसते हुए देखा गया. इससे पहले मोदी जब सदन में पहुंचे तो उन्होंने भाजपा सदस्य और पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय से भी कुछ सेकेंड तक बातचीत की. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी उन्हें कुछ पल बातचीत करते देखा गया. Also Read - आईपीएल फाइनल देखने पहुंच सकते हैं PM Modi, अहमदाबाद में खेला जाएगा मुकाबला

इससे पहले पीएम ने सभी सांसदों का आह्वान किया कि वे संसद के बजट सत्र का उपयोग सकारात्मक चर्चा के लिए करें. उन्होंने कहा कि जो सदन में चर्चा में भाग नहीं लेते, उनके प्रति समाज में नाराजगी पनपती है. मोदी ने सत्र प्रारंभ होने से पहले संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि देश के लोगों में जागरूकता है तथा सभी नागरिक सदन की कार्यवाही को गंभीरता से देखते हैं. उन्होंने कहा, ‘छोटी चीजें भी आम आदमी तक पहुंचती हैं. जिन लोगों की चर्चा में रुचि नहीं है, समाज में उनके खिलाफ सामान्य तौर पर एक नाराजगी है.