नई दिल्लीः कोलकाता के एक अस्पताल में एक डॉक्टर से मारपीट की घटना के खिलाफ जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य सेवा की स्थिति चरमरा गई है. मंगलवार से जारी इस हड़ताल के अभी तक समाप्त होने के आसार नहीं दिख रहे हैं. इस बीच पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों के समर्थन में देशभर के डॉक्टर आ गए हैं. दिल्ली स्थिति एम्स के जूनियर डॉक्टरों ने एक बयान जारी कर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया है कि वह 48 घंटे में डॉक्टरों की मांग मानें वरना वे भी 17 जून यानी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.

एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कहा है कि हम ममता बनर्जी को 48 घंटे के भीतर मांगों को पूरा करने का अल्टीमेटम देते हैं. अगर ऐसा नहीं होता है तो वे भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. इस बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने डॉक्टरों पर हमले को जघन्य करार दिया है. उसने डॉक्टरों के हितों की रक्षा के लिए कानून बनाने की मांग की है. इस घटना के विरोध में शुक्रवार को करीब 30 हजार डॉक्टर हड़ताल पर थे. इसमें से अधिकतर पश्चिम बंगाल, दिल्ली और महाराष्ट्र के थे.

उधर, पश्चिम बंगाल में आंदोलनकारी चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बिना शर्त माफी मांगने के साथ छह शर्तें तय की हैं. जूनियर डॉक्टर एक रोगी के परिजन द्वारा चिकित्सक से मारपीट के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों को राज्य सचिवालय में बैठक के लिए बुलाया था जिसे डॉक्टरों ने यह कहते हुए ठुकरा दिया कि यह उनकी एकता को तोड़ने की एक चाल है.

ममता ने चार दिनों से सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में सामान्य सेवाओं को बाधित करने वाले गतिरोध का हल खोजने के लिए बैठक बुलाई थी. वरिष्ठ चिकित्सक सुकुमार मुखर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को चिकित्सकों के नहीं आने पर उन्हें शनिवार शाम पांच बजे राज्य सचिवालय नाबन्ना में मिलने का समय दिया है. मुखर्जी, आंदोलन में शामिल नहीं हुए अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ ममता से मिलने गए और इस समस्या का हल निकालने के लिए सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ दो घंटे तक बैठक की.

इसके बाद ममता ने मेडिकल एजुकेशन के निदेशक प्रदीप मित्रा तीन-चार जूनियर डॉक्टरों को बैठक के लिये सचिवालय में बुलाने के लिये कहा. जूनियर डॉक्टरों के संयुक्त मंच के एक प्रवक्ता ने कहा, “यह हमारी एकता और आंदोलन को तोड़ने की चाल है. हम राज्य सचिवालय में किसी बैठक में शिरकत नहीं करेंगे. मुख्यमंत्री को यहां (एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) आना होगा और कल एसएसकेएम अस्पताल के दौरे के दौरान उन्होंने हमें जिस तरह से संबोधित किया, उसके लिये बिना शर्त माफी मांगनी होगी.” ममता ने बृहस्पतिवार को एसएसकेएम अस्पताल का दौरा करते वक्त कहा था कि बाहरी लोग मेडिकल कॉलेजों में गतिरोध पैदा करने के लिये यहां घुस आए हैं और यह आंदोनल माकपा तथा भाजपा का षडयंत्र है.