नई दिल्लीः दिल्ली में आईएएस अधिकारियों की ‘हड़ताल’ के खिलाफ राजनिवास में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के धरने पर बैठने के कारण पैदा राजनीतिक संकट के बीच चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले को सुलझाने का अनुरोध किया, लेकिन पीएम की तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि जब उन्होंने तीन अन्य मुख्यमंत्रियों के साथ दिल्ली में राजनीतिक संकट का मुद्दा उठाया तो प्रधानमंत्री ने कोई आश्वासन नहीं दिया.

ममता, केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और केंद्र से इस मुद्दे को सुलझाने की अपील की.

बैठक के बाद ममता ने कहा, ‘‘ हमने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सामने इस मुद्दे को उठाया. हमने उनसे कहा कि लोगों की खातिर गतिरोध सुलझाया जाना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा, लेकिन राजनाथ सिंह ने कहा कि वह मामले पर गौर करेंगे. हमें जो भी कहना था वह हमने कहा, अब उन्हें इसे सुलझाना है. अब यह उनका मामला है.’’

ममता, विजयन, नायडू और कुमारस्वामी शनिवार को केजरीवाल के आवास पर गए थे. उन्होंने इस मुद्दे पर पीएम मोदी के दखल की मांग की थी. गतिरोध को राजनीतिक संकट करार देते हुए विपक्षी नेताओं ने कहा था कि किसी राजनीतिक संकट की वजह से लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. केजरीवाल और उनके तीन मंत्री पिछले कुछ दिनों से राज निवास के एक प्रतीक्षा कक्ष में धरना दे रहे हैं. उनकी मांग है कि उप – राज्यपाल दिल्ली सरकार में तैनात आईएएस अधिकारियों से अपनी हड़ताल वापस लेने को कहें.