कोलकाता. तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक मुखर्जी ने भाजपा प्रमुख अमित शाह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया. उन्होंने आरोप लगाया है कि भाजपा अध्यक्ष ने कोलकाता में 11 अगस्त को एक जनसभा में उनके खिलाफ अपमानजनक बयान दिया था. तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी कोलकाता के मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत की आ‍ठवीं पीठ के समक्ष उपस्थित हुए. उन्होंने लिखित अर्जी देकर दावा किया है कि शाह ने उनके खिलाफ अपमानजनक बयान दिया था. Also Read - Covid-19 Fight: कोरोना से लड़ने के लिए केंद्र सरकार का एक और बड़ा कदम, गठित हुईं 11 टीमें

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने उन्हें शाह को नोटिस देने का निर्देश दिया. अदालत ने कहा कि अभिषेक बनर्जी द्वारा दर्ज कराये गए आपराधिक मानहानि के मामले पर 28 सितंबर को सुनवाई होगी. मुख्यमंत्री के भतीजे ने 13 अगस्त को शाह को कानूनी नोटिस भेजकर उनसे माफी मांगने को कहा था. नोटिस में शाह से कहा गया था कि उन्होंने अपने भाषण के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के भतीजे के खिलाफ हल्के तौर पर इशारा करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए. Also Read - सोशल डिस्टेंसिंग सीखें: कोरोना त्रासदी की गवाह है कैबिनेट मीटिंग की ये तस्वीर, PM मोदी, गृहमंत्री सब रहे दूर-दूर

ममता बनर्जी के भतीजे हैं
इसमें कहा गया, चूंकि यह सबको पता है कि मेरे मुवक्किल ममता बनर्जी के भतीजे हैं और राजनीति में सक्रिय है, आपके भाषण से मेरे मुवक्किल के शुभचिंतकों को पता चल गया कि आप मेरे मुवक्किल की तरफ संकेत कर रहे थे. अभिषेक बनर्जी के वकील संजय बसु ने दावा किया कि इन फर्जी बयानों से अपने शुभचिंतकों एवं देश के नागरिकों के बीच उनके मुवक्किल की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है. Also Read - MP में BJP सरकार बनने पर दिग्विजय सिंह ने लिखा खुला खत, ज्योतिरादित्य सिंधिया पर की लंबी बात

हेरफेर के आरोप
बसु ने कहा कि अभिषेक इस आरोप से इनकार करते हैं कि वह केंद्र से पश्चिम बंगाल राज्य को कथित रूप से मिले 3,59,000 करोड़ रुपये या किसी भी दूसरी धनराशि में कथित रूप से किसी हेरफेर में शामिल हैं. नोटिस में शाह से अभिषेक के खिलाफ मानहानि करने वाले किसी भी तरह की टिप्पणी, बयान ना देने या उनका प्रसार ना करने को कहा गया था.