नई दिल्ली: ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने कहा कि पश्चिम बंगाल (West Bengal) में बाहरी लोगों के लिए कोई जगह नहीं है. खासकर वो लोग जो सिर्फ चुनाव के समय आते हैं और हिंसा करते हैं. ममता बनर्जी ने नाम लिए बिना बीजेपी (BJP) पर निशाना साधा, जो चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में इन दिनों काफी सक्रिय है. ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर बवाल हो रहा है. बाहरी लोग यहाँ हिंसा कर रहे हैं. ऐसे लोगों की यहाँ कोई जगह नहीं है. Also Read - West Bengal Polls 2021: शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर हमला- 'नंदीग्राम से TMC प्रमुख को 50 हजार वोटों से नहीं हराया तो...'

एक दिन पहले भी ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने बीजेपी (BJP) पर जमकर निशाना साधा था. ममता बनर्जी ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा था कि वह तृणमूल कांग्रेस (Trilmool Congress) की जीत हर हाल में सुनिश्चित करेंगी, भले ही उन्हें जेल क्यों न भेज दिया जाए. बांकुड़ा जिले में एक रैली में ममता ने कहा था कि भाजपा (BJP) कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि ये तो महज एक ‘झूठ का कचरा’ है. उन्होंने कहा, “अगर भाजपा में हिम्मत है, तो उन्हें मुझे गिरफ्तार करने दीजिए. मैं जेल से ही चुनाव में तृणमूल की जीत सुनिश्चित करूंगी. मैं उन्हें स्पष्ट बता दूं कि मैं उनसे और उनकी एजेंसियों से नहीं डरती. Also Read - Cow Drinks Liquor Viral News: पानी समझकर शराब पी गईं गायें, फिर जो हुआ उसे जान दंग रह गए लोग

ममता ने कहा था कि आपको एक बात याद रखनी होगी कि वे बाहरी हैं. सत्ता में आने पर वे बंगाल को लूट लेंगे. इसीलिए उन्होंने बंगाल में कांग्रेस और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ सांठ-गांठ की है.” उन्होंने कहा कि भाजपा के पास राज्य में सत्ता में आना का कोई भी मौका नहीं है. ममता बोलीं, “हम एक बार फिर बंगाल के लोगों के जनादेश के साथ सत्ता में आएंगे.” Also Read - बीजेपी में जाने पर भी खटपट! ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस बड़े BJP नेता से बढ़ रही हैं दूरियां, सियासी घमासान के आसार

इसके साथ ही ममता ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद (Lalu Prasad Yadav) का जिक्र करते हुए कहा था कि जेल में बंद होने के बावजूद उनकी पार्टी ने हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनावों (Bihar Vidhansabha Election) में अच्छा प्रदर्शन किया है. मुख्यमंत्री ने कहा, “लालू प्रसाद को सलाखों के पीछे डाल दिया गया, लेकिन उन्होंने अपनी पार्टी के अच्छे चुनावी प्रदर्शन को सुनिश्चित किया. बिहार में भाजपा की जीत सरासर चालाकी से हुई है, न कि किसी लोकप्रिय जनादेश के जरिए.”