जम्मू: जम्मू शहर के बीचो-बीच स्थित भीड़-भाड़ वाले एक बस स्टैंड इलाके में संदिग्ध आतंकियों द्वारा किए गए धमाके में एक किशोर की मौत हो गई, जबकि 32 लोग घायल हो गए. धमाके के फौरन बाद लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ दौड़े और स्थिति सामान्य होने के बाद घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस गश्त दल फॉरेन्सिक विशेषज्ञों एवं खोजी कुत्तों के साथ घटनास्थल पर पहुंचा और हमलावर को पकड़ने के लिए तलाश अभियान शुरू किया. इस बीच ग्रेनेड अटैक करने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. ये बात राज्‍य के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कही है. डीजीपी कहा कि जम्‍मू बस स्‍टैंड पर ग्रेनेड फेंकने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया है.

पिछले साल मई से लेकर अब तक बस स्टैंड इलाके में आतंकवादियों द्वारा हथगोले के जरिए किया गया यह तीसरा हमला है. घायलों में कश्मीर के 11, बिहार के दो और छत्तीसगढ़ एवं हरियाणा का एक-एक व्यक्ति शामिल है.सुरक्षा एजेंसियां इसे शहर में शांति एवं सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास के तौर पर देख रही हैं.

17 साल के मोहम्मद शरीक की अस्पताल में मौत
अधिकारियों ने कहा कि उत्तराखंड के हरिद्वार के निवासी 17 साल के मोहम्मद शरीक की अस्पताल में मौत हो गई. उसकी छाती पर चोट लगी थी. वह अस्पताल में भर्ती कराए गए 33 लोगों में शामिल था. उन्होंने कहा कि चार अन्य घायलों की हालत गंभीर है और इनमें से दो का डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया है. अधिकारियों ने कहा कि घायलों में कश्मीर के 11, बिहार के दो और छत्तीसगढ़ एवं हरियाणा का एक-एक व्यक्ति शामिल है.

बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया
जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) एम के सिन्हा ने बताया कि प्रारंभिक जांच से लगता है कि किसी ने दोपहर के वक्त बस स्टैंड इलाके में हथगोला फेंका, जिससे विस्फोट हुआ. तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने वाले सिन्हा ने बताया कि विस्फोट के बाद बीसी रोड के आस-पास के इलाके की घेराबंदी की गई और हथगोला फेंकने वाले को पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया है.

ब्‍लास्‍ट का कोई स्पष्ट इनपुट नहीं था
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया जब भी इनपुट मिलता है तो हम इस पर काम करते हैं, लेकिन इस बारे में कोई स्पष्ट इनपुट नहीं था.विस्फोट में बस स्टैंड पर खड़ी सरकारी बस को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ और इस विस्फोट से लोगों में अफरा-तफरी मच गई. आईजी ने कहा, जब भी चौकसी ज्यादा होती है, हम जांच-पड़ताल सख्त कर देते हैं, लेकिन किसी-किसी के उससे बच निकलने की आशंका रहती है और यह ऐसा ही मामला लग रहा है.

मंशा सांप्रदायिक शांति एवं सौहार्द बिगाड़ने की थी
पुलिस ने कहा, सामान्य इनपुट हमेशा रहते हैं और तैनाती की जाती है. हमें जब भी इनपुट मिलता है तो हम इस पर काम करते हैं, लेकिन इस बारे में कोई स्पष्ट इनपुट नहीं था. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने का आग्रह करते हुए कहा कि निश्चित तौर पर मंशा सांप्रदायिक शांति एवं सौहार्द बिगाड़ने की थी.

बस स्‍टैंड पर 10 महीने में तीन ब्‍लास्‍ट
संदिग्ध आतंकवादियों ने 28-29 दिसंबर को स्थानीय थाने की इमारत को निशाना बनाकर बस स्टैंड पर ग्रेनेड से हमला किया था. इससे सात महीने पहले बी सी रोड पर 24 मई 2018 को एक अन्य विस्फोट हुआ था, जिसमें दो पुलिसकर्मी और एक आम नागरिक घायल हुए थे.