कोच्चि: केरल में एर्नाकुलम के समीप एक व्यक्ति ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त अपने मकान को देखने से लगे सदमे के बाद आत्महत्या कर ली. पुलिस ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी.

मकान के जलमग्न हो जाने के बाद मजदूर रॉकी ने अपने परिवार के साथ राहत शिविर में आश्रय ले लिया था. पुलिस के मुताबिक, वह राहत शिविर से अपने मकान को साफ करने के लिए निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा. बुधवार सुबह जब उसके पड़ोसी उसकी तलाश में आए तो उन्होंने उसे घर में लटका हुआ पाया. वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था.

राज्य में इसी तरह की आत्महत्या के दो और मामले दर्ज किए गए हैं. स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा ने मीडिया को बताया कि लोग कई मानसिक तनावों से गुजर रहे हैं और उन्हें काउंसिलिंग की जरूरत है. जिन लोगों को जरूरत है, उन्हें एक महीने के लिए मुफ्त दवा मुहैया कराई जाएगी.

वर्ष 1924 से अब तक की सबसे विनाशकारी बाढ़ के कारण केरल में करीब 10 लाख लोग तीन हजार से ज्यादा राहत शिविरों में रह रहे थे. 29 मई से शुरू हुई मानसूनी बारिश के बाद से करीब 370 लोगों की मौत हो चुकी है.