नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर ही नहीं भारत के ज्यादातर हिस्से में आपको ये देखने को मिल जाएगा कि ड्राइवर कार या बस का सीसा नीचे करके या दरवाजा खोल कर पान-गुटखा थूक रहा है. लेकिन नोएडा एक्सप्रेस-वे पर ऐसा करना एक प्रॉपर्टी डीलर के लिए घातक साबित हुआ और उसकी जान चली गई.

पुलिस के मुताबिक, प्रशांत कसाना एक प्रॉपर्टी डीलर थे. वह ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-1 में रहते थे. शुक्रवार को वह अपने जगुआर कार से जेवर से ग्रेटर नोएडा की तरफ लौट रहे थे. इसी दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया. 24 घंटे अस्पताल में संघर्ष करने के बाद उनकी मौत हो गई.

गार्ड है चश्मदीद
हाई-वे पर गार्ड की नौकरी करने वाले महावीर प्रशांत एक्सीडेंट के चश्मदीद हैं. उन्होंने दावा किया कि प्रशांत अपनी जगुआर कार से बहुत तेजी से आ रहे थे. वह एक्सप्रेस-वे के जीरो प्वाइंट पर और अपनी खिड़की को नीचे करके मुंह से कुछ थूकने की कोशिश किए. लेकिन इसी दौरान वह अपना कंट्रोल खो बैठे और कार जीरो प्वाइंट के नजदीक ग्रिल से जा टकराई. इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए.

अस्पताल में हुई मौत
नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन के एसएचओ अरविंद पाठक के मुताबिक, एक्सप्रेस-वे पर मौजूद गार्ड ने तुरंत सक्रियता दिखाई और प्रशांत को लेकर कैलाश हॉस्पिटल पहुंचा. हालांकि, वहां से उसे नई दिल्ली के सरिता विहार में स्थित अपोलो हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया. इस दौरान प्रशांत का ऑपरेशन हुआ, लेकिन चोट की वजह से उनकी मौत हो गई.