नई दिल्ली. पत्नी के बार-बार अपने माता-पिता के पास जाने से परेशान पति ने क्रूरता के आधार पर तलाक मांगा लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय ने उसकी याचिका खारिज करते हुए कहा कि महिला को अपने अभिभावकों के पास जाने का अधिकार है और पति के लिए शिकायत करने का यह कोई कारण नहीं बनता है. Also Read - दिल्ली में तीन महीने बाद बहाल होंगी AIIMS की OPD सेवाएं, पहले इन रोगियों का होगा इलाज

पति ने दावा किया था कि उसकी पत्नी उसे और उसके परिजन को बताए बगैर बार-बार अपने माता-पिता के घर चली जाती है जिससे उसे मानसिक पीड़ा होती है. उसने पत्नी पर कई अन्य आरोप भी लगाए. Also Read - दिल्ली से अमृतसर का सफर मात्र 4 घंटे में होगा पूरा, सिखों के इन प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा सड़क मार्ग

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति दीपा शर्मा की पीठ ने उसके दावे को खारिज करते हुए कहा कि पत्नी को अपने माता-पिता के घर जाने का अधिकार है. पति के लिए यह शिकायत का कोई कारण नहीं बनता है. निचली अदालत ने उसकी तलाक की याचिका को ठुकरा दिया था, जिसे व्यक्ति ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी. Also Read - जासूसी में दो अफसरों के निष्‍कासन से तिलमिलाए पाक ने भारतीय राजनयिक को तलब किया