मुंबई: भारतीय रेलवे में वीआईपी कोटे के जरिए टिकट लेने के लिए एक फर्जीवाड़े का भंडोफोड़ हुआ है. मूल रुप से लखनऊ के निवासी 29 वर्षीय एक युवक को कथित रुप से नेताओं और नौकरशाहों के फर्जी लेटरहेड बनाने तथा वीआईपी कोटा के तहत धनी यात्रियों को टिकट बुक कराने के लिए सिफारिश के तौर पर उन्हें भेजने को लेकर बुधवार को गिरफ्तार किया गया. मुम्बई के एक जीआरपी अधिकारी ने बताया कि आरोपी देवप्रताप सिंह वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को ये फर्जी पत्र बेचता था और उनसे 1200-2400 रुपये प्रति पत्र वसूलता था. Also Read - बिना किसी दिक्कत के बाजारों तक पहुंच सके जरूरी सामान, रेलवे ने शुरू की पार्सल वैन सेवा

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अधिकारी ने कहा , ‘‘ अबतक की जांच में सामने आया है कि उसने महाराष्ट्र के एससीएस (गृह), उत्तरप्रदेश के मुख्य सचिव और बिहार के लोकायुक्त समेत विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ नौकरशाहों, सांसदों और विधायकों के फर्जी लेटरहेड तैयार किए. ’’ डीसीपी (जीआरपी) समधन पवार ने पीटीआई भाषा से कहा ,‘‘ सिंह प्रति पत्र करीब 1200-2400 रुपये लेता था. वह पिछले दो सालों से ऐसा कर रहा है. ’’ Also Read - Coronavirus: 22 मार्च की आधी रात से 31 मार्च तक बंद रहेंगी सभी यात्री ट्रेनें

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स्थानीय अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया. हालांकि रेलवे के नाम पर ठगी के करने का ये कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी इस तरह के ठगी और फर्जीवाड़े के मामले सामने आ चुके हैं.