बरेली:  उत्तर प्रदेश के बरेली में हाल में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे. यहां एक व्यक्ति की बेटी पैदा होने के साथ ही मर गई. 7 महीने में ही डिलीवरी होने के कारण बच्ची प्री-मैच्योर थी जिस कारण वह बच नहीं सकी. बच्ची की मौत के बाद हितेश कुमार सिरोही बच्ची को दफनाने के लिए गए, जहां गड्ढ़ा खोदने पर उनकी आंखे फटी की फटी रह गई.

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हितेश को जमीन के 3 फीट तक गड्ढा खोदने पर एक मटके में बच्ची मिली. हितेश ने उसे गड्ढे से बाहर निकाला तो बच्ची की सांसे चल रही थी. हितेश ने बच्ची को रुई की मदद से दूध पिलाया. फिलहाल अब बच्ची का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. आपको बता दें कि प्री- मैच्योर बच्ची को जन्म देने वाली महिला वैशाली सब-इंस्पेक्टर है.

बुधवार को प्रसव पीड़ा होने पर वैशाली को अस्पताल ले जाया गया. जहां उन्हें प्री-मैच्योर बचची को जन्म दिया. और जन्म के कुछ ही मिनटों के बाद बच्ची की मौत हो गई. पुलिस बच्ची के माता-पिता की तलाश कर रही है. इसी बीच बिठारी चैनपुर के विधायक राजेश मिश्रा ने बच्ची के इलाज की जानकारी ली है.