नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने भारत में शीतल पेय कोका कोला और थम्स अप की बिक्री पर पाबंदी लगाने के लिये दायर याचिका बृहस्पतिवार को खारिज करने के साथ ही याचिकाकर्ता पर पांच लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है. Also Read - तमिलनाडु सरकार ने कहा- मेडिकल, डेंटल सीटों पर अखिल भारतीय कोटा में ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए उठा रहे हैं कदम

न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई करते हुये याचिकाकर्ता उमेद सिंह पी चावड़ा की याचिका खारिज की. पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत इस तरह की याचिका दायर करना कानूनी प्रक्रिया का दुरूपयोग है. Also Read - आर्मी में वुमन ऑफिसर्स के स्थायी कमीशन का मामला: SC ने केंद्र को दिया एक माह का समय

खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले चावड़ा ने याचिका में दावा किया था कि ये शीतल पेय स्वास्थ्य के लिये हानिकारक हैं. हालांकि, पीठ ने याचिका खारिज करते हुये कहा कि यह इस विषय के बारे में बगैर किसी तकनीकी जानकारी के ही दायर की गई है और इसमें किये गये दावे के समर्थन में कुछ भी नहीं है. Also Read - तमिलनाडु सरकार मेडिकल प्रवेश में ओबीसी आरक्षण पर जल्द फैसले को लेकर पहुंची सुप्रीम कोर्ट  

पीठ ने याचिकाकर्ता पर पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाते हुये आदेश दिया कि यह राशि एक महीने के भीतर शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री में जमा करायी जाए, जिसे सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन को दिया जाएगा.