नई दिल्ली| मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और किसानों के मुद्दों पर पीएम नरेंद्र मोदी अपने कुछ खास मंत्रियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं. राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, कृषि मंत्री राधामोहन सिंह समेत कई वरिष्ठ मंत्री इस बैठक में शामिल हुए. सूत्रों के अनुसार, पीएम की इस मीटिंग में देश के कई हिस्सों में किसानों का प्रदर्शन और मंदसौर में मंगलवार को हुई फायरिंग पर चर्चा हुई.Also Read - मेरे जन्मदिन पर 2.5 करोड़ टीके लगने से एक राजनीतिक दल को बुखार आ गया: PM मोदी

कांग्रेस ने मांगा सीएम का इस्तीफा Also Read - PM Modi को जन्मदिन की बधाई देने में गलती कर गए Salman Khan, देखते ही लोगों ने जताई नाराजगी

मध्य प्रदेश के मंदसौर और देवास में जारी हिंसा के बाद विपक्ष हमलावर हो गया है. कांग्रेस नेता और सांसद कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस्तीफा मांगा है. कमलनाथ ने कहा कि लाशों पर बोली लगाई जा रही है. शर्म की बात है 5 लाख, 10 लाख और फिर 1 करोड़ की बात की. वहीं राहुल गांधी ने किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट में लिखा, ‘भाजपा के न्यू इंडिया में किसान अपना अधिकार मांग रहे हैं और बदले में उन्हें गोलियां मिल रही हैं.’ Also Read - Vaccination Drive: पीएम मोदी के जन्मदिन पर रिकॉर्ड वैक्सीनेशन, पहली बार 2 करोड़ से ज्यादा लगे टीके

उनकी पार्टी ने भी लिखा है कि जो हमें खाना खिलाते हैं, सरकार उन्हें गोली खिला रही है. वहीं कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे काला दिन करार देते हुए कहा कि सत्ता के नशे में चूर सरकार किसानों के अधिकार की लड़ाई को कुचलना चाहती है. सिंधिया ने इसे प्रदेश के लिए काला दिन बताते हुए ट्वीट किया, ‘मध्य प्रदेश के इतिहास में आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ. हमारे अन्नदाताओं पर गोली चलाना दुखदायी और दिल को दहलाने वाला है. प्रदेश के लिए ये एक काला दिन है.’

डीएम के साथ बदसलूकी

6 किसानों की मौत के बाद राज्य की सियासत गरमाने लगी है. इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है. मंदसौर में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के साथ धक्कामुक्की की और उनके कपड़े तक फाड़ दिए. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें और उनके साथ मौजूद अन्य अधिकारियों को वहां से खदेड़ दिया.

क्या हुआ मंदसौर में?

मंदसौर में मंगलवार (6 जून) को प्रदर्शनकारी किसानों ने 8 ट्रकों और 2 बाइक को आग के हवाले कर दिया. इस दौरान पुलिस और सीआरपीएफ पर पथराव भी किया गया. स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें 6 किसानों की मौत हो गई. इसके बाद हालात और बिगड़ने लगे तो शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया. घटना के विरोध में किसान संगठनों और कांग्रेस ने बुधवार को मध्यप्रदेश बंद का ऐलान किया.

मृतकों के परिवारों को एक करोड़ मुआवजा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंदसौर में मारे गए किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है. दरअसल, मंगलवार को फायरिंग में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की राशि देने की बात कही थी, फिर कुछ ही देर बाद उन्होंने ट्वीट करते हुए सहायता राशि 10 लाख रुपये और गंभीर घायलों को एक लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की. लेकिन देर रात को उन्होंने मुआवजा राशि बढ़ाकर एक करोड़ कर दी. साथ ही मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी.