नई दिल्ली. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने शुक्रवार को MeToo कैंपेन को लेकर बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि रिटायर जज की चार सदस्यों की एक कमेटी बनाई जाएगी जो कि MeToo के केसों की जांच करेगी.
इस दौरान मेनका गांधी ने कहा, मैं सभी में विश्वास करती हूं. मैं हर एक शिकायतकर्ता के दर्द और ट्रॉमा को समझ सकती हूं. इस देखते हुए मैं सीनियर ज्यूडिशियल और लीगल व्यक्तियों की एक कमिटी को प्रपोज करती हूं जो MeToo कैंपेन से जुड़ी सभी शिकायतों की जांच करे.Also Read - BJP Executive Council: BJP की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मेनका और वरुण गांधी को नहीं मिली जगह, कहीं यह तो नहीं वजह...

उन्होंने कहा, यह कमिटी लीगल और इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क को देखेगी. इसके साथ ही मंत्रालय को सुझाव देगी कि इसे और कैसे मजबूत किया जा सकता है. बता दें कि MeToo कैंपेन के अंतर्गत कई महिलाएं सामने आई हैं, जिन्होंने वर्कप्लेस और दूसरी जगहों पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का जिक्र किया है. मेनका गांधी ने इसपर कहा कि इन आरोपों को गंभीरता से लिया जाएगा. Also Read - मेनका गांधी को कानूनी नोटिस, पशु चिकित्सक से 3 दिन में माफी की मांग, जानें मामला

मेनका गांधी की ये प्रतिक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर का भी नाम इसमें शामिल है. 7 महिलाओं ने उनपर गंभीर आरोप लगाए हैं. मेनका ने कहा, सत्ता के शिर्ष पर बैठे लोग अक्सर ऐसा करते हैं. ऐसा हर जगह देखा जाता है. Also Read - मेनका गांधी का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर युवक करने लगा ऐसी-ऐसी हरकतें, फिर...