नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने एयर इंडिया की आंतरिक शिकायत समिति के प्रमुख को निर्देश दिए कि वह राष्ट्रीय विमानन कंपनी की एक एयर होस्टेस द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत की जून के भीतर जांच पूरी करें. एयर होस्टेस ने यहां केंद्रीय महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) मंत्री से मुलाकात की थी जिसके बाद यह कदम उठाया गया. डब्ल्यूसीडी मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, मेनका गांधी ने नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु के समक्ष भी यह मामला उठाया.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘मंत्री ने एयर इंडिया की आंतरिक शिकायत समिति के प्रमुख से भी बात की और उन्हें जून के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए.’’ प्रभु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में एयर होस्टेस ने इस घटना की जांच के लिए ‘‘निष्पक्ष’’ जांच समिति गठित करने की अपील की.

पत्र का जवाब देते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘‘एयर इंडिया के सीएमडी से इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने के लिए कहा है. अगर जरुरत पड़ी तो अन्य समिति गठित की जाएगी.’’ एयर होस्टेस ने आरोप लगाया कि सीनियर एग्जीक्यूटिव पिछले छह वर्षों से उसका उत्पीड़न कर रहा है तथा उन्होंने उसे हॉलीवुड फिल्म निर्माता हार्वें वाइंस्टीन जैसा बताया. गौरतलब है कि वाइंस्टीन पर कई नामी अभिनेत्रियों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं.

एयर होस्टेस ने 25 मई को लिखे पत्र में कहा, ‘‘यह वरिष्ठ अधिकारी दरिंदा है और उसने मुझे यौन प्रस्ताव दिया, मेरा यौन शोषण किया, मेरी मौजूदगी में अन्य महिलाओं के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया तथा कार्यालय परिसर में मेरी मौजूदगी में मुझसे तथा अन्य महिलाओं से यौन गतिविधि के लिए कहा.’’ पत्र में कहा गया है, ‘‘उसने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और जब मैंने उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया तो उसने मुझे मिलने वाले अधिकार छीन लिए. उसने कार्यस्थल पर मेरा जीना दूभर कर दिया और ऐसा करता ही रहा.’’

महिला ने कहा कि अगर उसे विमानन मंत्री से मिलने का मौका दिया जाता है तो वह उस अधिकारी के नाम का खुलासा करेगी. एयर होस्टेस ने कहा कि उसने गत सितंबर में एयर इंडिया में शिकायत दर्ज कराई थी और इसके बाद एयरलाइन के सीएमडी को भी पत्र लिखा था लेकिन कुछ भी नहीं हुआ. उसने एयरलाइन के महिला प्रकोष्ठ पर भी इस मामले पर कुछ ना करने का आरोप लगाया.