त्रिपुरा: त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार बनने के बाद भी सीपीएम कार्यालय चर्चा का विषय बना हुआ है. इस बार सीपीएम कार्यालय सत्ता के कारण नहीं बल्कि पूर्व सीएम माणिक सरकार के वहां रहने के कारण सुर्खियां बटोर रहा है. माणिक सरकार के सरकारी आवास खाली करने और सीपीएम कार्यालय में पत्नी के साथ शरण लेने का मामला मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. Also Read - लॉकडाउन को फेल बताने पर राहुल गांधी पर बीजेपी का पलटवार: झूठ नहीं फैलाएं, दुनिया के आंकड़े देखें

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जानकारी के मुताबिक माणिक सरकार फिलहाल एमएलए हॉस्टल में नहीं रहेंगे. सीपीएम के सचिव बिजान धर ने कहा कि इससे पहले भी कई नेता सीपीएम कार्यालय में रह चुके हैं और इसमें कुछ भी नया नहीं है. उन्होंने बताया कि पार्टी दफ्तर में रहने की सारी सुख सुविधाएं मौजूद हैं. बता दें कि माणिक सरकार सीपीएम कार्यालय के ऊपर बने एक फ्लैट में अपनी पत्नी के साथ रहेंगे. Also Read - मीडिया पर भड़के राहुल गांधी, बोले- अपने मालिकों को खुश करने के लिए सच के साथ करते हैं खिलवाड़

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बता दें कि माणिक सरकार के पास फिलहाल अपना कोई घर नहीं है. वह अपनी सारी पैतृक संपत्ति अपनी बहन को दान कर चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक उनकी पत्नी पांचाली का अपना घर लंबे समय से विवाद में घिरा है. हालांकि त्रिपुरा में बीजेपी के हाल ही में बने सीएम बिप्लव देब ने कहा कि विपक्ष के नेता और पूर्व सीएम होने के कारण उनके अच्छा सरकारी अवास मिलेगा. उनके विधायक फ्लैट में रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

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बिप्लब ने कहा कि एक नया त्रिपुरा बनाने में वह माणिक सरकार से सहयोग और उनका आशीर्वाद चाहते हैं. बता दें कि त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार बनने के बाद वहां लेनिन की मूर्ति गिराने के बाद हिंसा भड़क उठी थी. यह मुद्दा कई दिनों से मीडिया चैनलों की सुर्खियां बना हुआ है. हालांकि अमूमन हर पार्टी ने इस हिंसा को विचारधारा नहीं बल्कि उत्पाती लोगों की शरारत करार दिया है.