नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona Virus) के चलते स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्पतालों में नर्सों की ज़रूरत है. वहीं, नर्सें नौकरी छोड़ रही हैं. कोलकाता में कार्यरत 185 नर्सों ने नौकरी छोड़ दी है. इन नर्सों का कहना है कि हमसे भेदभाव किया जाता है. जातिवादी टिप्पणी की जाती है. यहाँ तक कि कई बार लोग हम पर थूक भी देते हैं. हमें पीपीई किट तक मुहैया नहीं कराई जाती है. ऐसे में हम नौकरी नहीं कर सकते हैं. नर्सों के नौकरी छोड़ने से कोलकाता में मुश्किल खड़ी हो गई है. Also Read - मध्य प्रदेश: कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 8,283 तक पहुंचा, 385 में सबसे ज्यादा मौतें इंदौर में

ये सभी नर्सें मणिपुर की रहने वाली हैं. ये नर्सें कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में लगी हुई थीं, लेकिन अब इनमें से 185 नर्सों ने नौकरी छोड़ दी है. नर्सें अपने साथ भेदभाव होने से नाराज हैं. नर्सों का कहना है कि वह कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों का इलाज कर रही हैं. ऐसे में उन्हें पूरी सुरक्षा चाहिए. इसके बाद भी उन्हें पीपीई किट तक मुहैया नहीं कराई गई है. लोग हमें ताना देते हैं. हम पर थूक देते हैं. भेदभाव करते हैं. ऐसे में वह काम करने में असमर्थ हैं. Also Read - लॉकडाउन के चलते इस राज्य के मंदिरों को हुआ 600 करोड़ का नुकसान, सालाना आय में आई बड़ी कमी

मांगें पूरी नहीं होने पर कोलकाता के अलग-अलग अस्पतालों में कार्यरत 185 नर्सों ने नौकरी छोड़ दी है. वह इम्फाल लौट गई हैं. नर्स क्रिस्टेलिया कहती हैं कि नौकरी छोड़ कर हम खुश नहीं हैं. हमें वहां होना चाहिए था, लेकिन मांग के बाद भी हमारी परेशानियों को दूर नहीं किया गया. पीपीई किट नहीं होने के कारण लोग हमसे सवाल कर रहे थे. लोग कोरोना वायरस को लेकर ताना भी दे रहे थे. इससे परेशान होकर हमने नौकरी छोड़ने का फैसला किया. हम इम्फाल वापस आ गए हैं.