नयी दिल्ली: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को कहा कि कोई देश तब तक महाशक्ति नहीं बन सकता जब तक उसमें नौकरी मांगने वाले युवाओं की संख्या ज्यादा हो. सिसोदिया ने बुधवार को ‘शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार 2018-19’ कार्यक्रम के दौरान यह बात कही.

कार्यक्रम में दिल्ली सरकार ने सर्वश्रेष्ठ सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों और अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कार से सम्मानित किया. सिसोदिया ने कहा, “नौकरी देने वाले अमेरिका और यूरोप से आ रहे हैं. नौकरी मांगने वाली अर्थवस्थाएं नौकरी देने वाली अर्थव्सवस्थाओं का मुकाबला नहीं कर सकतीं. कोई देश तब तक महाशक्ति नहीं बन सकता जब तक उस मुल्क में नौकरी मांगने वाले युवाओं की संख्या अधिक हो.”

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इस मौके पर शिक्षा निदेशालय ने दसवीं और बारहवीं के 196 मेधावी छात्रों को पुरस्कारों से नवाजा. इसके अलावा दिल्ली के एक विद्यालय, राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय के एक विद्यालय, सात जिलों के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों, 18 क्षेत्रीय विद्यालयों को उत्कृष्टता पुरस्कार से नवाजा गया. बता दें कि कुछ दिनों पहले एक संस्था द्वारा जारी किये गए आंकड़ों के मुताबिक देश में बेरोजगारी 45 सालों में सबसे ज्यादा बढ़ी है. विपक्ष अक्सर सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरता हुआ नजर आता है.