नई दिल्ली: राज्य विधानसभा में सोमवार को वार्षिक बजट प्रस्तुत करते हुए उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वर्ष 2019-20 में दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय 3,89,143 रुपये रही, जोकि राष्ट्रीय औसत से करीब तीन गुना अधिक रही. अपने बजट भाषण में केजरीवाल के प्रशासन का मॉडल लागू करने का हवाला देते हुए सिसोदिया ने कहा कि पिछले पांच साल में 8.18 प्रतिशत पर रहे सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ने दिल्ली की आर्थिक सेहत को मजबूती दी है. Also Read - दिल्ली विधानसभा ने 2020-21 का बजट पारित, कोरोना वायरस से निपटने के लिये 50 करोड़ रुपये का प्रावधान

उन्होंने कहा कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था वर्ष 2019-20 में 7.42 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जोकि पूरे भारत की वृद्धि दर 5 प्रतिशत के मुकाबले काफी अधिक है. Also Read - दिल्ली सरकार के फैसले के बाद इंडिया ओपन बैडमिंटन के आयोजन पर संशय के बादल

बता दें कि दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को विधानसभा में 2020-21 के लिये 65,000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया.आम आदमी पार्टी के पिछले महीने विधानसभा चुनाव में भारी जीत के बाद सत्ता में आने के पश्चात यह पहला बजट है. Also Read - दिल्ली में IPL मैचों की मनाही के बाद अब वैकल्पिक स्थानों की तलाश में जुटा BCCI

बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर दिया गया है. केजरीवाल के विकास मॉडल में ये दोनों क्षेत्र सबसे ऊपर हैं. बजट पेश करते हुए सिसोदिया ने कहा कि प्रत्येक स्कूल में डिजिटल कक्षाएं स्थापित की जाएंगी. इसके लिये बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

बजट में अगले वित्त वर्ष में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये कुल 7,704 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये 2020- 21 के बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसके अलावा सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार केन्द्र की आयुष्मान भारत योजना को राज्य में लागू करेगी. बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आयुष्मान भारत योजना एक बड़ा मुद्दा रही थी.