नई दिल्ली: दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि आतिशी मार्लेना को उनके सलाहकार पद से हटाने से उन गरीब लोगों की उम्मीदों का अंत हो गया जो अपने बच्चों को पढ़ने के लिए सरकारी स्कूलों में भेजते हैं. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली के शिक्षा क्षेत्र में जिन शानदार विचारों का कार्यान्वयन किया, उनका श्रेय मार्लेना को जाता है और प्रधानमंत्री अगली बार जब ध्यान करें तो शहर के बच्चों के बारे में सोचें.

उप मुख्यमंत्री ने व्यंग्य भरे अपने पत्र में कहा, ‘‘दिल्ली सरकार को केंद्र से क्या समर्थन मिला है, इसके बारे में सबको पता है. लेकिन उसके बावजूद हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और बिजली के क्षेत्रों में काफी काम किया.’’ दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने अपने स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार किया, जवाबदेही तय की, उत्कृष्टता से भरे स्कूल खोले और क्षेत्र में काफी काम किया.

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने ट्वीट में लिखा, ”प्रधानमंत्री जी! अगर बनना है तो बड़ी लकीर खींचिए. दिल्ली की शिक्षा के काम को रोककर आप बड़े नहीं बन सकते. आतिशी मार्लेना को दिल्ली के शिक्षामंत्री के सलाहकार पद से हटाए जाने पर नरेंद्र मोदी के नाम मेरी चिट्ठी.” सिसोदिया ने कहा, ‘सेंट स्टीफेंस और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ीं मार्लेना ने वो विचार सुझाए और उन पर व्यापक काम किया. लेकिन उन्हें हटाकर आपने हमारे स्कूलों में अपने बच्चे भेजने वाले गरीब लोगों की उम्मीदों का अंत कर दिया.’

उन्होंने कहा, ‘‘सब कहते हैं कि आप एक योगी हैं, इसलिए अगली बार जब आप ध्यान या योग करें तो उन बच्चों के बारे में सोचें जो आपके फैसले से प्रभावित होंगे.’’ इस हफ्ते की शुरूआत में केजरीवाल सरकार और केंद्र के बीच टकराव तब और बढ़ गया था जब गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद दिल्ली सरकार के नौ सलाहकारों की नियुक्ति रद्द कर दी गई थी. मंत्रालय ने कहा था कि उन पदों को मंजूरी नहीं दी गई थी. इन सलाहकारों में सिसोदिया की सलाहकार मार्लेना भी शामिल थीं.