नई दिल्ली. कांग्रेस प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के संघ मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जाने पर सवाल उठाए हैं. शुक्रवार की सुबह उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट किए और प्रणब से सवाल किया. मनीष तिवारी ने ट्वीट कर कहा, क्या मैं आपसे एक सवाल पूछ सकता हूं जिसका जवाब आपने अभी तक नहीं दिया. इसने लाखों बहुलतावादी और धर्मनिरपेक्ष लोगों को चिंता में डाल दिया है. आपने संघ मुख्यालय जाने और राष्ट्रवाद पर प्रवचन देने का फैसला क्यों किया? Also Read - आरएसएस मुख्यालय में 9 सीनियर स्वयंसेवक कोरोना वायरस के टेस्‍ट में पॉजिटिव निकले

अगले ट्वीट ने मनीष तिवारी ने लिखा, 80-90 के दशक में संघ के इरादे और डिजाइन पर आपने हमारी पीढ़ी को आगाह किया था. आप उस सरकार के हिस्सा थे जिसने 1975 और 1992 में आरएसएस पर बैन लगाया. आप ऐसा क्यों नहीं सोचते कि आरएसएस के बारे में क्या बुरा था, जो अब पवित्र हो गया है. या फिर जो हम लोगों से बताया गया वह गलत था.

उन्होंने आगे कहा, आपका उद्देश्य जो भी रहा हो लेकिन इसे इस तरह देखा जाएगा कि संघ बहुलतावादा और धर्मनिरपेक्ष है. वे शांति की बात कर रहे हैं कितना झूठा था ये सब. उन्होंने इतिहास और नाजियों का जिक्र करते हुए भी शांति की बात पर कटाक्ष किया.

दूसरी तरफ आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा, प्रणब जी ने कांग्रेस को क्या बताया था वह कांग्रेस ही जाने. प्रणब के मुदेद पर कांग्रेस बंट गई है. उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने भी संघ पर भरोसा जताया था. वहीं, बीजेपी ने कहा, पूर्व राष्ट्रपति पर ऐसी टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण है.

बता दें कि इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पुत्री एवं कांग्रेस नेता शमिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि जिस बात का उन्हें डर था और अपने पिता को जिस बारे में उन्होंने आगाह किया था, वही हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि जिसका डर था, भाजपा/आरएसएस के ‘‘डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट’’ ने वही किया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर छेड़छाड़ की गई तस्वीरों में ऐसा नजर आ रहा है कि पूर्व राष्ट्रपति संघ नेताओं और कार्यकर्ताओं की तरह अभिवादन कर रहे हैं.