आरबीआई गवर्रनर उर्जित पटेल बुधवार को नोटबंदी के मुद्दे पर संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हस्तक्षेप के चलते संभावित खिंचाई से बच गए। बताया जा रहा है कि मनमोहन सिंह कुछ सवालों के मामले में पटेल की मदद के लिए आगे आए।Also Read - यूरोपीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 30 अक्टूबर को पोप फ्रांसिस से मिलेंगे

डॉ सिंह जो कि प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री से पहले आरबीआई के गवर्नर रह चुके हैं, उन्होंने पटेल को सलाह दी थी कि ऐसे किसी सवाल का जवाब न दें जो केंद्रीय बैंक और उसकी स्वायत्ता के लिए परेशानी का सबब बन जाए। बता दें कि जानकारों का मानना है कि नोटबंदी के बाद आरबीआई की छवि और उसकी स्वायत्ता पर बुरा असर पड़ा है। Also Read - Prime Minister Atmanirbhar Swasth Bharat Yojana: PM Modi ने किया उद्घाटन, जानें उद्देश्य | Watch Video

सदस्यों ने उनके समक्ष कई मुश्किल सवाल रखे जैसे कि बैंकिंग प्रणाली में स्थिति कब तक सामान्य होगी और 50 दिन की निर्धारित अवधि में कितने पुराने नोट जमा हुए
ऐसे सवालों से उर्जित बचते दिखाई दिए और उन्होंने इसका कोई सीधा जवाब नहीं दिया। Also Read - जी-20 शिखर सम्मेलन 30 अक्टूबर को, पीएम मोदी अफगान संकट पर कर सकते हैं ये आह्वान

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गौरतलब है कि आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल नोटबंदी के मुद्दे पर अपना पक्ष रखने के लिए मंगलवार को वित्त मामलों की स्टैंडिंग कमेटी के सामने पेश हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक पटेल ने कमेटी के फाइनेंशियल पैनल से 9.2 लाख करोड़ के नए नोट मार्केट में उतारे जाने की बात कही परंतु बैंकों में कितनी नई करंसी जमा की गई, इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए उर्जित पटेल।

वित्त मामले की स्थाई समिति के सदस्य टीएमसी के सुगत रॉय ने कहा कि RBIगवर्नर हमें यह बताने में असफल रहे कि नोटबंदी के बाद बैंकों के पास कितने पैसे आए। रॉय के मुताबिक उर्जित पटेल के पास इस बात का भी जवाब नहीं था कि हालात कब तक सामान्य होंगे। बता दें कि आरबीआई गवर्नर 20 जनवरी को इसी मुद्दे पर संसद की लोक लेखा समिति (PAC) के सामने भी पेश हो सकते हैं।

PAC ने पूछे थे उर्जित से यह सवाल
नोटबंदी के निर्णय प्रक्रिया में कौन शामिल था?
2. नोटबंदी के बाद कितना पैसा बैंकों में आया है?
3. क्या ऐसा कोई कानून है जो लोगों को अपने ही धन तक पहुंचने से रोक सकता है?
4. अर्थव्यवस्था में वापस कितना धन डाला गया है?
5. क्या नोटबंदी से कालेधन की समस्या का समाधान हुआ?
6. नोटबंदी से अर्थव्यवस्था और गरीब पर क्या असर पड़ा?