manmohan singh Also Read - बिहार में बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रोफेसर की गोली मारकर हत्या, कॉलेज में दिनदहाड़े वारदात

Also Read - बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति हुई तेज, कांग्रेस और वामदल के बीच 77 सीटों पर हुआ समझौता

नई दिल्ली: देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को कहा कि उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल कभी स्वयं को या अपने परिवार तथा मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं किया। पूर्व प्रधानमंत्री की सफाई के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में उन पर दोबारा प्रहार किया। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि संयुक्त प्रगितशील गठबंधन (संप्रग) सरकार भ्रष्टाचार से लड़ रही थी। उन्होंने भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के पूर्व प्रमुख प्रदीप बैजल द्वारा टूजी आवंटन मामले में लगाए गए आरोपों पर सफाई दी। यह भी पढ़े:मोदी सरकार के मंत्री बोले मैं खाता हूं बीफ, मुझे कौन रोकेगा Also Read - सुभाषचंद्र बोस के धर्मनिरपेक्ष विचारों के खिलाफ थे RSS के लोग, BJP को जयंती मनाने का अधिकार नहीं: कांग्रेस

बैजल ने आरोप लगाया है कि मनमोहन सिंह ने उन्हें टूजी दूरंसचार लाइसेंस मामले में सहयोग न करने पर खामियाजा भुगतने की चेतावनी दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि मनमोहन सिंह ने उनसे तत्कालीन दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन से भी सहयोग करने के लिए कहा था। बैजल ने अपनी किताब ‘द कंप्लीट स्टोरी ऑफ इंडियन रिफॉर्म : टूजी, पावर एंड प्राइवेट एंटरप्राइजे-ए प्रैक्टिशनर्स डायरी’ में यह भी लिखा है कि एकीकृत लाइसेंस की सिफारिशें देने पर मारन ने उन्हें ‘गंभीर परिणाम’ की चेतावनी दी थी।

भाजपा पर बुधवार को हमला करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए बार-बार भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाती है।उन्होंने कहा, “मैं पूरी विनम्रता से कहना चाहता हूं कि मैंने अपने पद का इस्तेमाल कभी स्वयं को या अपने परिवार तथा मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं किया।” पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में हैं, और कल्याणकारी देश की संपूर्ण अवधारणा को तीव्र आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के नाम पर ध्वस्त किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “असंतोष को दबाया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ने यह सुनिश्चित करने के लिए कठिन प्रयास किया कि भारत एक खुले बहुलतावादी, उदार धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के रूप में फले फूले और जिसे अपनी साझी विरासत पर गर्व हो। भारत की इस अवधारणा पर ही अब सुनियोजित तरीके से हमला किया जा रहा है। हमें यह समझना होगा कि यह हमला किस तरह से किया जा रहा है और तब हमें उसके जवाब के लिए आगे आना होगा।”

मनमोहन ने यहां भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “मनमोहन ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने दो स्थायी मुद्दे बनाए हुए है, पहला संप्रग में भ्रष्टाचार और दूसरा नीतिगत पंगुता। उन्होंने कहा, “मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम भ्रष्टाचार से लड़ते रहे हैं। हम भ्रष्टाचार से संघर्ष जारी रखे हुए हैं और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा।”

वहीं सूरत में पार्टी की प्रेस वार्ता में मनमोहन सिंह पर हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल निजी तौर पर ईमानदार होना नहीं थी, बल्कि यह भी जिम्मेदारी थी कि उनकी सरकार में कोई भ्रष्टाचार न हो। शाह ने कहा, “खुद से कोई भ्रष्टाचार न करने भर से मामला खत्म नहीं हो जाता। जब 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगे थे तह मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे।”