नई दिल्ली: पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के नेता सैफुद्दीन सोज की किताब के विमोचन में नहीं जाने का फैसला किया है. सोज की किताब का आज दिल्ली में विमोचन होना था जिसमें पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को बुलाया गया था, सिंह ने भी पहले कार्यक्रम में जाने की हामी भर दी थी लेकिन पिछले दिनों सोज की किताब पर हुए विवाद के बाद सिंह ने कार्यक्रम से किनारा कर लिया है. Also Read - भूमि कानूनों में संशोधनों पर कांग्रेस ने कहा- जम्मू-कश्मीर की जनता छला हुआ महसूस कर रही है

क्या था किताब में?
पिछले दिनों सोज की किताब के कुछ अंश बाहर आए थे जिसमें लिखा गया है कि कश्मीरियों के लिए सबसे पहला विकल्प ‘आजादी’ है. सोज ने परवेज मुशर्रफ के उस बयान का समर्थन किया था जिसमें कश्मीरियों के लिए आजादी को पहला विकल्प बताया गया था. मुशर्रफ ने कहा था कि अगर कश्मीरियों को अपनी मर्जी चलाने का मौका मिलेगा तो वो सबसे पहले आजाद कश्मीर चाहेंगे.

सोज ने मुशर्रफ से सहमति जताते हुए कहा था कि ये बयान आज भी सार्थक है. इस पर काफी विवाद हुआ था और कांग्रेस को बैकफुट पर आना पड़ा था. बाद में कांग्रेस ने सोज के इस बयान से खुद को अलग कर लिया था और इसे सोज का निजी बयान बताया था.

सोज की सफाई
अपने बयान पर मचे विवाद के बाद सोज ने अपनी सफाई में कहा था कि ये उनका निजी बयान है और इससे पार्टी का कोई लेना देना नहीं है. सोज ने कहा था कि कश्मीर में ताकत से नहीं बल्कि बातचीत से ही मामला सुलझ सकता है. बीजेपी ने इस मामले पर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला था जिसके बाद कांग्रेस ने सोज के बयान से पल्ला झाड़ लिया था.

कांग्रेस की सफाई
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन्होंने सोज का बयान देखा है लेकिन कांग्रेस पार्टी उनके बयान से इत्तेफाक नहीं रखती. उन्होंने कहा, हालांकि मैंने अभी किताब की सामग्री नहीं देखी है, लेकिन मैं इतना कहूंगा कि यदि जिस सामग्री के बारे में लिखा गया है, अगर वह सही है, तो कांग्रेस पार्टी और भारत के नागरिक इस तरह की सामग्री को सिर्फ किताब बेचने का एक हथकंडा मानते हैं, जिसे अभी बाजार में आना बाकी है. सुरजेवाला ने कहा, यह निर्विवाद रूप से सच है कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था और हमेशा रहेगा.