नई दिल्लीः पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पाकिस्तान में करतारपुर गलियारे के उद्घाटन के लिए आयोजित औपचारिक समारोह में शामिल नहीं होंगे, लेकिन एक आम श्रद्धालु की तरह वहां जाएंगे. सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद कुरैशी के दावे के बाद दी जिसमें उन्होंने कहा था कि मनमोहन सिंह ने उद्घाटन समारोह में शामिल होने के न्योते को स्वीकार कर लिया है.

डान अखबार के मुताबिक कुरैशी ने अपने गृहनगर मुल्तान में शनिवार को पत्रकारों से कहा था कि डॉ. सिंह ने उनका न्योता स्वीकार कर लिया है और तय उद्घाटन समारोह में विशेष अतिथि के बजाय आम आदमी की तरह शामिल होंगे.

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डॉ.सिंह के करीबी सूत्रों ने नयी दिल्ली में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री औपचारिक उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगे. उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी प्रशासन की ओर से भेजे गए न्योते के जवाब में सिंह ने कहा कि वह औपचारिक समारोह में शामिल नहीं होंगे लेकिन एक आम श्रद्धालु की तरह ऐतिहासिक तीर्थस्थल का दर्शन करेंगे. डॉ.सिंह सिख जत्थे का हिस्सा होंगे जिसका नेतृत्व पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह करेंगे. वे करतापुर के गुरुद्वारे में मत्था टेकने के बाद उसी दिन लौट आएंगे.

उल्लेखनीय है कि प्रस्तावित गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर स्थित दरबार सहिब को भारत के पंजाब प्रांत के गुरदासपुर स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ेगा और इस गलियारे में भारतीय श्रद्धालुओं को बिना वीजा आने जाने की अनुमति होगी. हालांकि, उन्हें करतारपुर साहिब जाने के लिए परमिट लेना होगा, जिसकी स्थापना स्वयं सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देवजी ने 1522 में की थी.

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पाकिस्तान, भारतीय सीमा से करतारपुर के गुरुद्वारा दरबार साहिब तक गलियारा बना रहा है जबकि बाकी के हिस्से, सीमा से पंजाब के डेरा बाबा नानक तक के गलियारे का निर्माण भारत कर रहा है. कुरैशी ने बताया कि प्रधानमंत्री इमरान खान पाकिस्तान के हिस्से वाले गलियारे का उद्घाटन करेंगे जिससे रोजाना 5,000 भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र स्थल के दर्शन करने की सुविधा मिलेगी.