Mann ki baat 2023: मन की बात कार्यक्रम 11 बजे शुरू हो चुकी है. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु जल संधि में संशोधन का संकेत देते हुए कहा है कि उरी हमले के बाद भारत के पास इस संधि में संशोधन का अधिकार है. आगे बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पद्म पुरस्कार विजेताओं की एक बड़ी संख्या आदिवासी समुदायों और आदिवासी समाज से जुड़े लोगों से आती है. आदिवासी जीवन शहर के जीवन से अलग है, इसकी अपनी चुनौतियां भी हैं. इन सबके बावजूद आदिवासी समाज अपनी परंपराओं को बचाने के लिए हमेशा आतुर रहता है.
लोकतंत्र हमारी रगों में
पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हम भारतीयों को इस बात का गर्व भी है कि हमारा देश लोकतंत्र की जननी भी है. लोकतंत्र हमारी रगों में हैं, हमारी संस्कृति में है. सदियों से यह हमारे कामकाज का भी एक अभिन्न हिस्सा रहा है। स्वभाव से हम एक लोकतांत्रिक समाज हैं.
पर्पल फेस्ट पर चर्चा
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 6-8 जनवरी तक गोवा के पणजी में पर्पल फेस्ट का आयोजन किया गया था. दिव्यांगों के कल्याण के लिए यह अनोखा प्रयास था. इसमें 50 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया और लोग इस बात को लेकर रोमांचित थे.
पीएम मोदी ने कहा कि क्या आपने कभी मिलेटप्रेन्योर शब्द सुना है. ओडिशा के मिलेटप्रेन्योर सुर्खियां बटोरी हैं. आदिवासी जिले सुंदरगढ़ का एक महिला स्वयं सहायता समूह ओडिशा मिलेट मिशन से जुड़ा है. वे बाजपा से बिस्कुट, केक समेत कई अन्य खाने की चीजें बनाते हैं.
2014 में पहली बार हुई थी मन की बात
साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत की थी. इस दौरान कई अहम मुद्दों पर उन्होंने बात की थी. इसके बाद एक के बाद एक कई मुद्दों पर उन्होंने मन की बात कार्यक्रम के जरिए बात की. बता दें कि मन की बात कार्यक्रम को प्रत्येक महीने की आखिरी रविवार को प्रसारित किया जाता है. इसके पहले एपिसोड को अक्टूबर 2014 में प्रसारित किया गया था.
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