नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम मन की बात में कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. रेडियो कार्यक्रम मन की बात का यह 48वां संस्‍करण था. पीएम ने एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया. पीएम ने कहा कि कल (शनिवार) भारत के सवा सौ करोड़ देशवासियों ने पराक्रम पर्व मनाया था. हमने 2016 में हुई उस सर्जिकल स्ट्राइक को याद किया जब हमारे सैनिकों ने हमारे राष्ट्र पर आतंकवाद की आड़ में प्रोक्सी वार की धृष्टता करने वालों को मुहतोड़ जवाब दिया था. देश के अलग-अलग जगहों पर हमारे सशस्त्र एक्जिविशन लगाए ताकि अधिक से अधिक देश के नागरिक खासकर युवा पीढ़ी यह जान सके कि हमरी ताकत क्या है. हम कितने सक्षम हैं और कैसे हमारे सैनिक जान जोखिम में डालकर हम देशवासियों की रक्षा करते हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि हम शांति में विश्वास करते हैं और इसे बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं., लेकिन सम्मान से समझौता करके और राष्ट्र की संप्रभुता की कीमत पर कतई नहीं. भारत सदा ही शांति के प्रति वचनबद्ध और समर्पित रहा है. 20वीं सदी में दो विश्वयुद्धों में हमारे एक लाख से अधिक सैनिकों ने शांति के प्रति अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. और यह तब जब हमारा उस युद्ध सो कोई वास्ता नहीं था. हमारी नजर किसी ओर की धरती पर कभी नहीं रही. यह शांति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता थी.

पीएम ने मन की बात के दौरान आने वाले 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिन के मद्देनजर दोनों को याद किया. पीएम ने बताया कि सरकार दो साल तक महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाएगी, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर से होगी. इस क्रम में पीएम ने लोगों से खादी के कपड़े खरीदने की भी अपील की. स्वच्छता के प्रति महात्मा गांधी के आग्रह को याद करते हुए पीएम ने पिछले दिनों स्वच्छ भारत मिशन के अपने कार्यक्रम भी जानकारी दी. पीएम मोदी ने गांधी के जंतर को याद करते हुए कहा कि यह आज भी देश के लिए उतना ही प्रासंगिक है.

पीएम ने कहा कि देश 31 अक्टूबर सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती का आयोजन करता है. इस दौरान कुछ वर्षों से रन फॉर यूनिटी का आयोजन होता है. पीएम मोदी ने अपील की कि इस वर्ष में भी अपने प्रयत्न से एकता के लिए दौड़ का आयोजन करें. पीएम मोदी ने वायुसेना की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि हम 8 अक्टूबर को हम वायुसेना दिवस मनाते हैं. 1932 में 6 पायलट और 19 वायु सैनिकों के साथ एक छोटी सी शुरुआत से बढ़ते हुए हमारी वायुसेना 21वीं सदी की सबसे साहसिक और शक्तिशाली एयरफोर्स में शामिल है. पीएम ने कहा कि स्त्री पुरुष की समानता सुनिश्चित करने में एयरफोर्स ने मिशाल कायम की है.