सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय देश के जांबाज सैनिकों को देने के बजाय आरएसएस की विचारधारा को दिए जाने को लेकर आज राज्यसभा में विपक्ष ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को आड़े हाथों लिया और कहा कि संसद का सत्र जारी रहने पर उन्हें नीतिगत बयान संसद के बाहर नहीं देना चाहिए।

शून्यकाल के दौरान उच्च सदन में कांग्रेस के शांताराम नायक ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि विभिन्न मंचों पर हाल ही में पर्रिकर ने कुछ बयान दिए हैं जो चिंताजनक हैं। जब नाइक ने यह मुद्दा उठाया तब सदन में पर्रिकर मौजूद थे। कांग्रेस सदस्य ने कहा कि रक्षा मंत्री ने पहले तो झूठे दावे किये कि भारत ने पहले कभी सर्जिकल स्ट्राइक की ही नहीं। रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान के अतिक्रमण वाले तत्कालीन बांग्लादेश में की गई उस ‘‘स्ट्राइक’’ का जिक्र ही नहीं किया जिसके बाद पाकिस्तान दो हिस्सों में बंट गया था। यह कार्रवाई तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में की गई थी।

नाइक ने यह भी आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री ने सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय देश के जांबाज सैनिकों को देने के बजाय आरएसएस की विचारधारा को दिया। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री को इस तरह के ‘‘बेतुके बयान’’ दे कर देश का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। यह भी पढ़ें: पैसे लेकर भाजपा वोट देने वाले बयान पर पर्रिकर को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

हाल ही में एक किताब के विमोचन के दौरान परमाणु सिद्धांत पर रक्षा मंत्री द्वारा दिए गए एक कथित बयान का संदर्भ देते हुए नाइक ने कहा कि रक्षा मंत्री ने अपनी निजी राय जाहिर की जो कि परमाणु हथियारों का पहले उपयोग न करने की भारत की नीति से बिल्कुल विपरीत है। कई रणनीतिकारों ने इस पर प्रतिकूल टिप्पणी की।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पर्रिकर ने विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पड़ोसी देश चीन का ‘‘मजाक’’ भी उड़ाया था। इस मुद्दे से स्वयं को संबोधित करते हुए कांग्रेस के ही आनंद शर्मा ने कहा कि रक्षा मंत्री को भारत के परमाणु सिद्धांत के बारे में संसद के बाहर नीतिगत बयान नहीं देना चाहिए।

उन्होंने कहा ‘‘रक्षा मंत्री को संसद का सम्मान करना चाहिए। उन्हें यह सलाह दी जानी चाहिए कि जब संसद का सत्र चल रहा हो तब वह नीतिगत बयान संसद के बाहर न दें। उन्हें इस बारे में सदन में स्पष्टीकरण देना चाहिए।’’ कांग्रेस के सत्यव्रत चतुर्वेदी और जदयू के शरद यादव ने भी अपनी चिंता जाहिर की। लेकिन सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कहा कि ‘‘तुच्छ विषय’’ उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आसन से अनुरोध किया कि विपक्षी सदस्यों को दूसरे सदस्यों का समय जाया करने की अनुमति न दी जाए।

रक्षा मंत्री के जवाब के लिए विपक्षी सदस्यों के जोर देने पर उप सभापति पी जे कुरियन की ओर से कहा गया कि वह उन्हें (मंत्री को) जवाब देने के लिए नहीं कह सकते।