नई दिल्ली: गोवा में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बीजेपी नेतृत्व ने राज्य में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का निर्णय किया है और अस्वस्थ चल रहे मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर अपने पद पर बरकरार रहेंगे. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट किया, ‘ गोवा प्रदेश बीजेपी की कोर टीम के साथ चर्चा कर यह निर्णय लिया गया है कि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ही गोवा सरकार का नेतृत्व करते रहेंगे.’ शाह ने कहा कि प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल व विभागों में बदलाव जल्द ही किया जाएगा. Also Read - 'राजस्थान में फिर शुरू होने वाला है सरकार गिराने का खेल', CM गहलोत बोले- हमारे विधायकों को बैठाकर चाय-नमकीन खिला रहे अमित शाह

पर्रिकर के दिल्ली के एम्स में भर्ती होने के बाद से ही राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगाई जा रही थीं. इस संदर्भ में बीजेपी नेतृत्व ने पार्टी महासचिव (संगठन) रामलाल और संयुक्त मंत्री बीएल संतोष को गोवा भेजा था. इन दोनों नेताओं ने पार्टी के विधायकों के साथ सहयोगी दलों के नेताओं से भी चर्चा की थी. 62 वर्षीय मनोहर पर्रिकर का इस समय एम्स में इलाज चल रहा है. वह पिछले कुछ समय से अग्नाशय की समस्या से जूझ रहे हैं. इलाज के लिए वह तीन महीने तक अमेरिका में भी रहे. इस साल के शुरुआत से ही वह अपनी बीमारी से जूझ रहे हैं. उन्हें बार-बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है. Also Read - Farmers Protest LIVE: पीएम मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ, तोमर, गोयल की चल रही मीटिंग

गौरतलब है कि गोवा में विपक्षी कांग्रेस ने दावा किया था कि उसे 21 से ज्यादा विधायकों का समर्थन प्राप्त है और 40 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए वह मजबूत स्थिति में है. कांग्रेस 16 विधायकों के साथ तटवर्ती राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है. वह प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पहले ही पेश कर चुकी है. विपक्षी दल ने यह दावा ऐसे वक्त में किया जब मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर अग्नाशय संबंधी बीमारी के कारण दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती हैं. राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता चन्द्रकांत कावलेकर ने कहा कि कि गोवा में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को पर्याप्त समर्थन प्राप्त है. Also Read - वैक्सीनेशन को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, अधीर रंजन बोले- आम जनता के टीकाकरण के लिए कोई रोडमैप नहीं

उन्होंने बताया था कि कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या है. मैं आपको यह नहीं बताऊंगा कि किसके साथ बातचीत चल रही है. हमें 21 विधायकों की जरूरत है और हमारे पास उससे ज्यादा हैं.’ कावलेकर के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने मंगलवार को राज्यपाल मृदुला सिन्हा से भेंट कर भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार का विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराने और उन्हें बहुमत साबित करने के लिए कहने का अनुरोध किया.

कावलेकर ने कहा कि पार्टी को राज्यपाल के जवाब का इंतजार है. उन्होंने तीन-चार दिन में जवाब देने की बात कही थी. राज्य में भाजपा नीत गठबंधन सरकार में गोवा फॉरवार्ड पार्टी (जीएफपी), महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और निर्देलीय विधायक शामिल हैं.विधानसभा में भाजपा के 14 विधायक हैं, जबकि जीएफपी और एमजीपी के तीन-तीन और राकांपा का एक विधायक है. तीन निर्दलीय विधायक भी हैं.