चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने बुधवार को कहा कि सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के जरिए मिलने वाले पानी के हरियाणा के हिस्से को लेने से राज्य को कोई रोक नहीं सकता. खट्टर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कुछ घंटे पहले ही पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा था कि उनका राज्य नदी के जल को किसी से साझा नहीं करेगा ‘चाहे हमें अपनी जान की कुर्बानी देनी पड़े.’ Also Read - Agriculture Laws News: कृषि कानून के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश, क्या केंद्र के लॉ को खारिज कर सकता है कोई राज्य?

खट्टर ने इस टिप्पणी पर कहा,‘‘ हरियाणा को एसवाईएल के जरिए पानी का उसका हिस्सा लेने से कोई नहीं रोक सकता है क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने हरियाणा के पक्ष में पहले ही फैसला सुना दिया है कि राज्य की नहर के पानी पर वैध हिस्सेदारी है.’’ Also Read - किसानों की रक्षा के लिए कदम उठाएं CM अमरिंदर, पूरे पंजाब को घोषित करें कृषि मंडी: बादल

बता दें कि कुछ दिनों पहले सीआईडी पर नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) और गृह मंत्री अनिल विज (Anil Vij) के बीच चल रही तनातनी ने अब एक अप्रत्याशित मोड़ ले लिया था. देर रात आए हरियाणा सरकार के एक बयान में बताया गया था कि विज का अब नियंत्रण आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) पर नहीं रहेगा. बयान में कहा गया था, ‘‘ मुख्यमंत्री की सलाह पर हरियाणा के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री और दो मंत्रियों को नए पदभार आवंटित किए हैं. मुख्य सचिव की ओर से जारी अधिसूचना में अपराध जांच विभाग और कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग तथा राज भवन से जुड़े मामले मुख्यमंत्री मनोहर लाल को उनके मौजूदा प्रभारों के अलावा आवंटित किए जाते हैं.’’ Also Read - सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा- कृषि बिल का विरोध करने वाले किसान लड़ रहे जीवन की लड़ाई, इसलिए कार्रवाई नहीं करेंगे