दिल्‍ली म्‍यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (एमसीडी) चुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत दिलाने वाले दिल्‍ली बीजेपी के अध्‍यक्ष मनोज तिवारी पार्टी में नए हीरो बनकर उभरे हैं. इसके साथ ही भोजपुरी सुपरस्टार मनोज तिवारी ने खुद को राजनीति में भी साबित करके दिखा दिया. पार्टी नेता मनोज तिवारी में दिल्ली का भविष्य देखने लगे हैं. सभी तरफ मनोज तिवारी छाए हुए हैं. Also Read - योगी सरकार ने कर दिखाया कमाल, उत्तरप्रदेश बना नंबर वन, प्रयागराज को मिलेगा ये अवार्ड

मनोज तिवारी को दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष बने अधिक समय नहीं हुआ है. इनके नेतृत्व में सबसे पहला चुनाव था, राजौरी गार्डन विधानसभा का उप चुनाव, जिसमें बीजेपी ने आप से सीट छीनी. उसके बाद आया एमसीडी का चुनाव, जिसमें पार्टी ने मनोज तिवारी के नेतृत्व में जीत की हैट्रिक लगाई और आम आदमी पार्टी को करारी मात दी. किसी समय मनोज तिवारी भाजपा के विरोधी खेमे की शोभा बढ़ाते थे. Also Read - पीएम मोदी ने बनारस के जिन गांवों को लिया गोद, वहां ले जाए जाएंगे विदेशी पर्यटक, ये है CM योगी का प्लान

आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं मनोज  तिवारी Also Read - U-Rise Portal: सीएम योगी ने लॉन्च किया U-Rise पोर्टल, छात्रों को शिक्षा, करियर काउंसिलिंग, रोजगार हासिल करने में करेगा मदद

मनोज तिवारी का राजनीतिक कैरियर बहुत ज्यादा लंबा नहीं है. BJP में भी आए उन्हें अभी बहुत ज्यादा समय नहीं हुआ है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मनोज तिवारी ने बीजेपी ज्वाइन की थी. आपको बताते चलें की ये वही मनोज तिवारी हैं, जो 2009 में गोरखपुर से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर योगी आदित्यनाथ से टकराए थे, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने मनोज तिवारी को चुनाव में धूल चटा दी थी.

पार्टी की उम्मीदों पर खते उतरे मनोज तिवारी
दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजीपी को मिली करारी हार के बाद सतीश उपाध्याय की जगह दिल्ली बीजेपी की कुर्सी के लिए पार्टी को किसी नए चहरे की तलाश थी. वह नया चहरा पार्टी को मनोज तिवारी के तौर पर मिला. मनोज आगे चलकर पार्टी की उम्मीदों पर खरे उतरे. मनोज तिवारी के अध्यक्ष बनने के बाद दिल्ली में हुए दो चुनाव में बीजेपी को जीत मिली. इसके बाद तिवारी को पार्टी के अंदर और बाहर खूब सराहना मिली.

मनोज बने मनोज तिवारी ‘मृदुल’
यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दिनों से ही मनोज तिवारी गायकी से जुड़े। उनकी असली पहचान भोजपुरी गायन से ही बननी शुरू हुई. तकरीबन 10 सालों तक भोजपुरी लोकगायकी को अलग पहचान और आयाम दिलाने वाले मनोज तिवारी को टी-सिरीज के मालिक गुलशन कुमार ने उनकी मृदु वाणी को सुनकर ‘मृदुल’ उपनाम से संबोधित किया था. यह ‘मृदुल’ विशेषण आजतक मनोज तिवारी की पहचान के साथ जुड़ चुका है.