Mansa Devi Temple Stampede Update How Tragedy Happened Inside Mandir
'श्रद्धालुओं की भीड़, एक चूक और मच गई भगदड़...', Inside Story से जानिए मनसा देवी मंदिर में कैसे हुआ हादसा?
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में सावन के दौरान मची भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 45 घायल हुए. अफवाहों और प्रशासनिक चूक की खबरों के बीच चलिए जानते हैं घटना की पूरी सच्चाई.
हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में दर्शन के लिए रविवार को भारी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे. लेकिन अचानक ये श्रद्धा अफरा-तफरी में बदल गई और मंदिर परिसर में भगदड़ मच गई. इस हादसे में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई और 45 से ज्यादा लोग घायल हो गए. पहले खबर आ रही थी कि हादसा बिजली के करंट की वजह से हुआ, लेकिन मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने साफ किया कि भगदड़ एक श्रद्धालु के फिसलने से मची थी. उन्होंने बताया कि मंदिर तक तीन रास्ते हैं, जिनमें भारी भीड़ के बावजूद कुछ लोग अचानक भागने लगे और भगदड़ का माहौल बन गया.
सरकार ने 5 लाख रुपये की मदद का किया ऐलान
हादसे की खबर सुनते ही राज्य सरकार और प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घायलों से मुलाकात की और सभी को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए. धामी सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है. वहीं मनसा देवी ट्रस्ट ने भी मृतकों को 5 लाख और घायलों को 1 लाख रुपये देने की घोषणा की है.
अफवाह या चिंगारी? अब मामले में होगी जांच
घटना के वक्त मौजूद लोगों का कहना है कि भगदड़ बिजली के मीटर से निकली चिंगारी की अफवाह के कारण हुई. हालांकि, अब प्रशासन ने करंट लगने की बात को नकारा है. वहीं, हरिद्वार के डीएम ने कहा – घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं और यह पता लगाया जाएगा कि अफवाह किसने फैलाई. हादसे के बाद आईं तस्वीरों और वीडियों में घटनास्थल पर माता की चुनरी, प्रसाद और लोगों का सामान बिखरा पड़ा था.
हादसे के बाद सुरक्षा पर उठने लगे सवाल
इस हादसे ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सावन का महीना, रविवार का दिन और श्रद्धालुओं की भीड़ – इन सबके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे. स्थानीय लोगों ने भीड़ प्रबंधन और मार्ग की संकीर्णता को हादसे की वजह बताया. अब जरूरत है कि मंदिरों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि आगे इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.