नई दिल्ली. उत्तरी दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में डिप्थीरिया से दो और मौतों का मामला सामने आया है. इसके साथ ही इस संक्रामक रोग से मरने वालों का आंकड़ा 22 पहुंच गया. किंग्सवे कैंप के महर्षि वाल्मीकि संक्रामक रोग अस्पताल में गुरुवार को दो और मौत हो गई. इस बीमारी से यहां पहले ही 19 बच्चों की जान जा चुकी है.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, छह सितंबर से 170 से अधिक मरीजों को नगर निगम के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 21 की मौत हो गई.

उत्तर दिल्ली के महापौर आदेश गुप्ता ने यहां इन बच्चों की मौत के सिलसिले में लापरवाही के मामले में मंगलवार को अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को निलंबित कर दिया था. दिल्ली के सरकारी अस्पताल एलएनजेपी में भी इससे एक मौत हो गई थी.

बता दें कि डिप्थीरिया उग्र संक्रामक रोग है. यह 2 से 10 साल तक के बच्चों को अधिक होता है. हालांकि, यह बड़ों को भी हो सकता है. इस रोग की शुरुआत गले से होती है. इसका सबसे बुरा प्रभाव हर्ट पर पड़ता है. यहां तक कि कुछ रोगियों को हर्ट अटैक तक आ जाता है.