बेंगलुरु. जनता दल (एस) ने संकेत दिया है कि कर्नाटक में पार्टी का उभार विपक्षी दलों, खासकर क्षेत्रीय दलों के लिए 2019 के संसदीय चुनाव के दौरान राष्ट्रीय परिदृश्य पर बड़ी भूमिका निभाने के वास्ते एकजुट होने के लिए मंच का काम करेगा. इस बात का संकेत 21 मई को कर्नाटक में जदएस-कांग्रेस गठजोड़ सरकार के शपथग्रहण में शामिल होने के लिए क्षेत्रीय दलों के नेताओं को दिया गया न्यौता है. Also Read - विपक्ष नकारात्मकता फैला रहा, रोजगार मसले का 60 साल में हल नहीं खोज सकी कांग्रेस: अमित शाह

कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री के रुप में शपथ लेने जा रहे जदएस नेता एच डी कुमारस्वामी ने संवाददाताओं से कहा कि यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को शपथ ग्रहण समारोह में आने के लिए निमंत्रण दिया गया है. उन्होंने कहा , ‘‘ हमने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बसपा नेता मायावती, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और क्षेत्रीय दलों के अन्य नेताओं को निमंत्रित किया है.’’ Also Read - EVM को लेकर चुनाव आयोग पहुंचा विपक्ष, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिया ये बयान

जदएस प्रवक्ता रमेश बाबू ने कहा, ‘‘ राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य आज क्षेत्रीय दलों के अनुकूल है. उत्तर प्रदेश , बिहार और अब कर्नाटक में क्षेत्रीय दलों के साथ कांग्रेस का गठजोड़ इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय दल राष्ट्रीय राजनीति में केंद्र में आएंगे.’’ Also Read - ईवीएम एवं वीवीपैट के मुद्दे पर दिल्‍ली में 19 विपक्षी नेताओं की बैठक शुरू

इसके पहले शक्ति परीक्षण का सामना किए बगैर येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद तृणमूल प्रमुख ने देवेगौड़ा , कुमारस्वामी और कांग्रेस को बधाई दी. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ लोकतंत्र की जीत हुई। कर्नाटक को बधाई। देवेगौड़ा जी , कुमारस्वामी जी , कांग्रेस और अन्य को बधाई। क्षेत्रीय मोर्चे की जीत हुई.’’ दूसरी तरफ चंद्रबाबू नायडू ने कहा, यह लोकतंत्र की जीत है.