दावोस| विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने बुधवार को कहा कि भारत एक जिम्मेदार परमाणु संपन्न देश है और वह इन हथियारों का पहले प्रयोग न करने की नीति में यकीन करता है. यहां विश्व आर्थिक मंच के सालाना सम्मेलन में अंतराष्ट्रीय सुरक्षा को परमाणु हथियारों से खतरा विषय पर एक परिचर्चा में अकबर ने कहा कि बहुत से देश परमाणु हथियार को भय बनाने का आखिरी शस्त्र के रूप में देखते हैं और उनके लिए प्रक्षेपास्त्र एक संदेश के समान हैं. Also Read - #Mee Too: यौन उत्तपीड़न के आरोप में घिरे पूर्व मंत्री एमजे अकबर बोले- रमानी को मुझ पर इस तरह का आरोप लगाने का कोई हक नहीं

उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि भारत एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है. वह यह भी जानती है कि हम जैसे हैं वह अपनी इच्छा से हैं, हमें किसी ने वैसा रहने के लिए नहीं कहा है. अकबर ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट है- देश एक ऐसी व्यवस्था चाहता है जिसमें भेदभाव न हो. भारत के नजरिए को तमाम देशों का समर्थन प्राप्त है. Also Read - बालासोर में क्विक रिएक्शन मिसाइल का किया गया सफल परीक्षण, हवा में अपने टार्गेट को ध्वस्त करने में सक्षम

उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि दुनिया परमाणु हथियारों को समाप्त करने के लिए न सही, उन्हें घटाने के लिए मिल कर प्रयास जरूर करेगी. भारत और पाकिस्तान दोनों के पास परमाणु हथियार होने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि हम केवल अपने रुख के बारे में बता सकते हैं. मैं किसी दूसरे देश के बारे में नहीं बोल सकता. हमने इन हथियारों को इस लिए रखा है ताकि लोग हमें इसका भय दिखाने से बाज आएं. हम इनका पहला प्रयोग करने में यकीन नहीं रखते. Also Read - रक्षा क्षेत्र में बढ़ रही भारत की भागीदारी से चीन-पाकिस्तान परेशान, 35 दिनों में 10 मिसाइलों का किया परीक्षण