नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर में बड़ी आतंकी साजिश की आशंका है. सूत्रों के अनुसार, यहां 35 आतंकी घुसपैठ करने की कोशिश में है. ये आतंकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है. बताया जा रहा है कि सीमा पार से ये आतंकी अलग-अलग क्षेत्रों में घुसपैठ की योजना बना रहे हैं. इसके लिए वह टुकड़ियों में बंटे हैं. इसकी सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लीपा से नौगाम में 8 आतंकी, कोटली से भीमबर गली से 3 आतंकी, कालू डी ढेरी से 6 आतंकी और शरडी से माछिल से 18 आतंकी घुसपैठ की कोशिश में हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पूरा प्लान तैयार कर लिया है और वह ईद के बाद कभी भी घुसपैठ कर सकते हैं. ऐसे में एजेंसियां सीमावर्ती इलाके में

गृहमंत्री की हाईलेवट मीटिंग
बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार रात जम्मू कश्मीर के सुरक्षा हालात पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में रमजान के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ स्थगित अभियान की अवधि की समीक्षा की गई. अभियान को स्थगित किये जाने की मियाद आज खत्म हो गई. अधिकारियों ने बताया कि बैठक के दौरान समझा जाता है कि गृह मंत्री ने वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या समेत हाल में हुई हत्याओं के मद्देनजर कश्मीर घाटी की सुरक्षा स्थिति की जानकारी दी. यह बैठक प्रधानमंत्री द्वारा आरएसएस नेताओं को दिये गए रात्रिभोज से पहले हुई.

स्थिति की होगी समीक्षा
उन्होंने कहा कि संघर्ष विराम बढ़ाने से पहले केंद्र कुछ और दिनों तक स्थिति की समीक्षा कर सकता है. रमजान में संघर्ष विराम की घोषणा 17 मई को की गई थी. संक्षिप्त बैठक के दौरान समझा जाता है कि गृह मंत्री ने दो महीने की अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा स्थिति की जानकारी दी. अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू हो रही है. बैठक में गृह मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शरीक हुए. उन्होंने बताया कि यह बैठक अहम है क्योंकि रमजान के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ अभियान स्थगित रखने की घोषणा की अवधि आज समाप्त हो रही है. गौरतलब है कि कश्मीर घाटी में इस साल 55 से अधिक आतंकवादी और 27 स्थानीय लोग मारे जा चुके हैं.

क्या कहना है केंद्रीय मंत्री हंसराज का
इससे पहले केंद्रीय मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने कहा कि कश्मीर के लोग चाहते हैं कि रमजान के मौके पर घोषित संघर्ष विराम को बढ़ाया जाए और सुरक्षा अभियानों को निलंबित किया जाए , लेकिन इस मामले पर अंतिम फैसला केंद्र करेगा. उन्होंने बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में संवाददाताओं से कहा , ‘ कश्मीर के लोग खुश हैं और वे चाहते हैं कि सुरक्षा अभियान निलंबित रहें. हम लोगों को खुश रखने और किसी भी तरह के खतरे से अपने देश को सुरक्षित रखने के लिये प्रतिबद्ध हैं. हम उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जो भी जरूरत होगी उसे करेंगे.