नई दिल्लीः धरती और चांद पर मूल्यवान धातु की मौजूदगी के संबंध में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, पृथ्वी के इकलौते उपग्रह के गर्भ में मूल्यवान धातुओं का बड़ा भंडार छुपा हो सकता है. कनाडा के डलहौजी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर जेम्स ब्रेनन का कहना है कि हम चांद पर मौजूद ज्वालामुखी पत्थरों में पाए जाने वाले सल्फर का संबंध चांद के गर्भ में छुपे आयरन सल्फेट से जोड़ने में सफल रहे हैं.

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ब्रेनन का कहना है कि धरती पर मौजूद धातु भंडार की जांच/विश्लेषण से पता चलता है कि प्लैटिनम और पलाडियम जैसी मूल्यवान धातुओं की मौजूदगी के लिए आयरन सल्फाइड बहुत महत्वपूर्ण है. वैज्ञानिकों का लंबे समय से अनुमान है कि चांद  निर्माण धरती का से निकले एक बड़े ग्रह के आकार के गोले से करीब 4.5 अरब साल पहले हुआ है. दोनों के इतिहास में समानता की वजह से ऐसा माना जाता है कि दोनों की बनावट भी मिलती-जुलती है.

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‘‘नेचर जियोसाइंस’’ में प्रकाशित अध्ययन में चांद को लेकर किए गए अध्ययन का ब्यौरा दिया गया है. ब्रेनन ने कहा ‘‘हमारे नतीजे बताते हैं कि चंद्रमा की चट्टानों में सल्फर की मौजूदगी, उसकी गहराई में आयरन सल्फाइड की उपस्थिति का अहम संकेत है. हमारे विचार से, जब लावा बना तब कई बहुमूल्य धातुएं पीछे दब गईं.