मुंबई. महाराष्ट्र में एक श्रमिक और एक छात्र के अपनी जान लेने के साथ ही मराठा आरक्षण आंदोलन की मांग को लेकर खुदकुशी करने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है. वहीं, राज्य में इस मुद्दे को लेकर आठ लोगों ने आत्मदाह की भी कोशिश की. पुलिस के मुताबिक औरंगाबाद जिले में फुलांबरी तहसील के वदोदबाजार गांव में 17 वर्षीय छात्र ने कुएं में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. एक अधिकारी ने बताया कि प्रदीप हरि म्हेस्के को 10वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक मिले थे, लेकिन मराठा आरक्षण नहीं होने के कारण एक जूनियर कॉलेज और तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान में उसका एडमिशन नहीं हो सका था. Also Read - मराठा आरक्षण वैध, लेकिन इसे 16 से घटाकर 12-13 प्रतिशत करना चाहिए: हाईकोर्ट

म्हास्के के खुदकुशी कर लेने से महाराष्ट्र में प्रदर्शन और तेज हो गए हैं. मराठा समुदाय के लोगों ने औरंगाबाद-जलगांव मार्ग पर ‘रास्ता रोको’ प्रदर्शन शुरू कर दिया. पुलिस ने बताया कि मराठवाड़ा क्षेत्र के बीड़ जिले के वीदा गांव के 35 साल के खेत मजदूर अभिजीत देशमुख ने अपने घर के समीप एक पेड़ से फांसी लगा ली. उन्होंने बताया कि मराठवाड़ा क्षेत्र के लातूर जिले में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आ‍ठ प्रदर्शनकारियों ने अपने शरीर पर किरोसिन छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की. मराठा समुदाय के लोगों ने कहा है कि राज्य की भाजपा शासित सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने में विफल रही है और इसके खिलाफ बुधवार को वे मुंबई में प्रदर्शन करेंगे. Also Read - सरकार ने मराठा आरक्षण के तहत नौकरी के लिए निकाला विज्ञापन, कोर्ट ने फटकारते हुए कहा- इतनी जल्दी क्यों है

बीड के पुलिस अधीक्षक जी श्रीधर ने कहा, ‘‘हमें एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने कहा है कि वह मराठा आरक्षण की मांग के समर्थन में यह कदम उठा रहा है. सुसाइड नोट में देशमुख ने बेरोजगारी और बैंक के बकाए कर्ज को आत्महत्या की वजह बताया है. Also Read - केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले को युवक ने मारा थप्पड़, पुलिस के सामने हुई मारपीट

इन लोगों ने की आत्महत्या
पुलिस ने बताया कि मराठा आरक्षण की मांग को लेकर नांदेड जिले में 29 जुलाई को 38 वर्षीय एक व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. मुंबई से करीब 570 किलोमीटर दूर नांदेड के धाबाद गांव में काचरू कल्याणे ने अपने घर में पंखे से फांसी लगा . कल्याणे के शव के समीप मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि वह आरक्षण के लिए मराठा समुदाय की मांग को लेकर अपनी जिंदगी खत्म कर रहा है. पुलिस ने बताया कि इस मुद्दे पर 29 जुलाई को औरंगाबाद में एक चलती ट्रेन के सामने कूदकर 35 वर्षीय व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी. पिछले सप्ताह औरंगाबाद में दो व्यक्तियों ने आत्महत्या की थी जबकि एक अन्य की आंदोलनकारियों की हिंसा के दौरान मौत हो गई थी.

जेल भरो आंदोलन
लातूर के पुलिस अधीक्षक शिवाजी राठौड़ ने बताया कि लातूर जिले के औसा में तहसीलदार कार्यालय के बाहर आठ लोगों ने आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने समय पर हस्तक्षेप करते हुए उनके इस प्रयास को विफल कर दिया. उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया. सकल मराठा मोर्चा के नेता प्रवीण पटेल ने बताया कि मराठा समुदाय के लोग कल मुंबई में जेल भरो आंदोलन करेंगे.

कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने कहा है कि मराठा आरक्षण मुद्दे को सुलझा लेने के महाराष्ट्र सरकार के दावे के बावजूद कम से कम तीन महीने से पहले इस पर कोई भी ठोस हल निकलने के आसार नहीं है. पार्टी का दावा है कि समुदाय के सामजिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन पर रिपोर्ट तैयार कर रहे महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपने नेताओं को बताया है कि रिपोर्ट तैयार करने में उसे तीन माह का वक्त लगेगा.

एनसीपी की अपील
एनसीपी नेता अजित पवार ने महाराष्ट्र में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों से खुद को नुकसान नहीं पहुंचाने तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अनुरोध किया. पवार ने ट्वीट करने वाले लोगों से यह अनुरोध किया, हालांकि उन्होंने किसी घटना का जिक्र नहीं किया. उनका यह बयान आरक्षण की मांग कर रहे एक प्रदर्शनकारी प्रमोद जयसिंह होरे के औरांगाबाद में एक ट्रेन के आगे कूद कर जान देने के बाद आया है. पवार ने कहा, मैं सकल मराठा समाज के प्रदर्शनकारियों से शांति की राह पर चलने तथा यह सुनिश्चित करने का अनुरोध करता हूं कि उनका अभियान हिंसा से दागदार नहीं हो.

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने रखा पक्ष
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उनकी सरकार मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग पर काम कर रही है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी नहीं की जा सकती है. फडणवीस ने कहा कि केवल भावनाओं के आधार पर फैसला नहीं किया जा सकता है. उन्होंने पिछले कुछ दिनों में मराठा संगठनों की ओर से आरक्षण की मांग को लेकर किये जा रहे आंदोलन के दौरान हिंसक घटनाओं और कथित तौर पर खुदकुशी किए जाने के मामले को निराशाजनक करार दिया. फडणवीस ने कहा, अगर भावनाएं उत्तेजित होती हैं तो समुदाय में अशांति पैदा होगी. कानूनी प्रक्रिया को पूरा किए जाने की जरूरत है और हमारी सरकार समयबद्ध तरीके से ऐसा करेगी.