मुंबई: महाराष्ट्र में बीते दिनों मराठा रिजर्वेशन के हिंसक आंदोलन के बीच सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को इस मुद्दे पर सर्वदलीय मीटिंग बुलाई. इस मीटिंग के बाद सीएम ने आंदोलनरत संगठनों से अपील की कि स्थिति शांतिपूर्ण होनी चाहिए और कोई भी चरम कदम नहीं उठाना चाहिए. लेकिन सकल मराठा समाज ने मुख्यमंत्री फडवीस की अपील को ठुकराते हुए कहा है, ” हमें सरकार पर भरोसा नहीं है. उन्हें एक निर्णय लेना चाहिए. हम उनके साथ आगे कोई चर्चा नहीं करना चाहते हैं. उन्होंने सीएम के इस्तीफे की मांग भी की है.

सीएम ने कहा कि रिजर्वेशन के मुद्दे पर सभी पार्टियों की राय समान है और हमने मामले पर सर्वसम्मति से खड़े होने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछड़ा आयोग से अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है और फिर हम एक विशेष विधानसभा सत्र आयोजित करेंगे. सकल मराठा समाज ने  कहा है, ” हमें सरकार पर भरोसा नहीं है. उन्हें एक निर्णय लेना चाहिए. हम उनके साथ आगे कोई चर्चा नहीं करना चाहते हैं. उन्होंने सीएम के इस्तीफे की मांग भी की है.

सकल मराठा समाज ने कहा, ” हम मुख्यमंत्री और मंत्री चंद्रकांत पाटिल से माफी और इस्तीफे की मांग करते हैं. हम 50 लाख रुपए मृतक के परिवार को देने की मांग करते हैं और उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं, जिन्होंने महिलाओं की पीटा. अगर हमारी ये मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो हम एक अगस्त से जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे.”

सीएम ने इस मामले पर साफ करते हुए कहा कि सरकार ने मराठा आरक्षण के लिए कानून तैयार किया था, लेकिन उस पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगा दी गई थी. हमने महसूस किया कि यह एक विशेष स्थिति है और आरक्षण केवल पिछड़ा आयोग की सिफारिश पर दिया जा सकता है. दुर्भाग्यवश, आयोग के पहला अध्यक्ष निधन हो गया, हमने एक नया नियुक्त किया और इसमें समय लगा.

बता दें की सीएम फडणवीस ने सर्वदलीय मीटिंग के बाद ये भी कहा कि मैंने डीजीपी को निर्देश दिया है कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज मामले भी वापस लेना चाहिए. केवल गंभीर मामले में, जिनमें पुलिस पर हमला और आगजनी जैसे मामलों को छोड़कर.”

सीएम ने कहा कि रिजर्वेशन के मुद्दे पर सभी पार्टियों की राय समान है और हमने मामले पर सर्वसम्मति से खड़े होने का फैसला किया है. बता दें कि बीते दिनों महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग में कुछ आंदोलनकारियों ने आत्महत्या जैसे अतिवादी कदम उठाकर अपनी जान दे चुके हैं. राज्य में कई जगह हिंसक घटनाएं हुई हैं. (इनपुट- एजेंसी)