मुंबई: बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने 56 वर्षीय वकील की एक नाबालिग लड़की के साथ हुई शादी को वैध ठहराया है. लड़की ने 18 साल की होने के बाद वकील के साथ रहने की इच्छा जताई, जिसके बाद यह फैसला दिया गया. कोर्ट ने कहा, इसमें कोई विवाद नहीं है कि आरोपी के साथ शादी के समय वह नाबालिग थी, लेकिन अब वह बालिग हो गई है और उसने आरोपी व्यक्ति के साथ रहने की इच्छा जताई है. Also Read - Bombay High Court Recruitment 2021: बॉम्बे हाई कोर्ट में इन विभिन्न पदों पर निकली वैकेंसी, जल्द करें आवेदन, 46 हजार मिलेगी सैलरी

जस्टिस रंजीत मोरे और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीठ ने वकील की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए गत सप्ताह यह फैसला दिया. याचिका में उसने 14 साल की लड़की से शादी करने के लिए उसके खिलाफ दर्ज बलात्कार के एक मामले को रद्द करने की अपील की थी. Also Read - मंडप में पहले प्रेमी ने भरी दुल्हन की मांग, फिर दूल्हे ने लिए सात फेरे, जानिए अजब प्रेम की गजब कहानी

शिकायतकर्ता (जो अब 18 साल की है) की 2014 में वकील से शादी हुई थी, जब वकील की उम्र 52 साल थी. अपनी शिकायत में उसने आरोप लगाया कि उसके दादा-दादी ने उसे शादी करने के लिए मजबूर किया. इसके बाद वकील करीब 10 महीने तक न्यायिक हिरासत में रहा और फिर उसे जमानत पर रिहा किया गया. Also Read - Madhya Pradesh Lockdown Update: भोपाल में लॉकडाउन की पाबंदियां बढ़ाई गईं, 17 मई तक विवाह समारोह पर प्रतिबंध

लड़की 17 सितंबर 2018 को 18 साल की हो गई, जिसके बाद वकील ने हाईकोर्ट का रुख कर मामले को रद्द करने की अपील की. महिला ने गत सप्ताह उच्च न्यायालय में एक हलफनामा दायर करके कहा कि उसने विवाद सुलझा लिया है और अब वह अपने पति के साथ रहना चाहती है और उसे मामला रद्द किए जाने से कोई आपत्ति नहीं है.

अतिरिक्त सरकारी अभियोजक अरुण कुमार पाई ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि ऐसे मामले को रद्द करने से गलत उदाहरण पेश होगा और व्यापक पैमाने पर जनता के बीच गलत संदेश जाएगा. पीठ ने हालांकि दो मई को अपने आदेश में कहा कि उसे महिला के भले-बुरे की चिंता है.

अदालत ने अपने आदेश में कहा, इसमें कोई विवाद नहीं है कि आरोपी के साथ शादी के समय वह नाबालिग थी, लेकिन अब वह बालिग हो गई है और उसने आरोपी व्यक्ति के साथ रहने की इच्छा जताई है.