सीमावर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए कर्नल संतोष महाडिक का अंतिम संस्कार गुरूवार को उनके गांव पोगरवाड़ी में  किया गया। महाडिक का पार्थिव शरीर को बुधवार देर रात  जम्मू से पुणे लाया गया था। वहां से फिर उसे सतारा लेजाया गया। महाडिक को 21 तोपों की सलामी दी गई।

शहीद हुए कर्नल संतोष को सेना ने नम आँखों से श्रद्धांजलि अर्पित की

आपको बता दें की बुधवार शाम को पुणे एयरपोर्ट से महाडिक का पार्थिव शरीर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक ले जाया गया। वहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। फडणवीस के अलावा सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी महाडिक को श्रद्धांजलि दी। महाडिक के परिवार में माता-पिता, 104 साल के दादा, पत्नी, एक बेटी और एक बेटा है।

भले ही आज कर्नल संतोष महाडिक हमारे बीच में नही हैं लेकिन उनकी वीरता की गाथा पूरी दुनिया गा रही है। इस धरती माँ के सच्चे सपूत को तकरीबन 2 बजे के करीब सर में उस वक्त गोली लगी जब वो जंगल में छिपे आतंकवादियों के सफाई का काम कर रहें थे। शहीद हुए 41 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष के पार्थिव शारीर को आज उनके सैनिक मित्रों और अधिकारीयों ने नम आँखों से विदाई दी।

भारत माता के इस वीर जवान को आज सभी सलाम कर रहे है। उनके द्वारा दिए गए बलिदान की वजह से आज सभी लोग देश में सुरक्षित है।