नई दिल्ली. भारतीय वायु सेना की कार्रवाई में पाकिस्तान के बालकोट में जैश-ऐ-मोहम्मद के आतंकवादी कैंपों के तबाह होने के बाद से वहां से लगातार इस मुद्दे पर बयान आ रहे हैं. अब मसूद अजहर के भाई मौलाना अमर ने भी कहा है कि उसके ठिकानों पर भारतीय वायु सेना ने कार्रवाई की है. बता दें कि मौलाना अमर का बयान उस समय आया है जब पाकिस्तान सरकार और सेना लगातार इस बात से इनकार कर रहे हैं कि भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है.

जी न्यूज को मिले एक ऑडियो में अमर को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि भारतीय जेट ने किसी सुरक्षित घर या मिलिट्री कैंप पर बमबारी नहीं की, लेकिन एक मर्कज पर हमला किया. मर्कज एक तरह का धार्मिक सेंटर होता है, जहां जिहाद के बारे में पढ़ाया जाता है. यह युद्ध की घोषणा की तरह है. दूसरी तरफ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कहा जा रहा है कि इस कार्रवाई में आईएसआई कर्नल सलीम कारी और जैश का ट्रेनर मौलान मोइन ढेर हो गए हैं.

मसूद अजहर के गुर्दे खराब
दूसरी तरफ मसूद अजहर के गुर्दे खराब होने की खबरें हैं और ऐसा बताया जा रहा है कि उसका पाकिस्तान में रावलपिंडी के एक सैन्य अस्पताल में नियमित डायलसिस किया जा रहा है. सुरक्षा अधिकारियों ने यहां शनिवार को यह बात कही। इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि जैश का सरगना ‘‘बीमार’’ है. इस संबंध में एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा, ‘‘हालिया खबरें इस ओर इशारा करती हैं कि अजहर के गुर्दों ने काम करना बंद कर दिया है और उसका पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय रावलपिंडी के एक सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा है. और उसका नियमित डायलसिस किया जा रहा है.

पाकिस्तान में ही है
कुरैशी ने बृहस्पतिवार को कहा था, ‘‘मुझे मिली जानकारी के मुताबिक वह पाकिस्तान में ही है। वह इस हद तक बीमार है कि घर से बाहर भी नहीं निकल सकता. वह काफी बीमार है. अधिकारी ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद का सरगना ओसामा बिन लादेन का निकट सहयोगी था. उसने कई अफ्रीकी देशों में आतंकवाद को बढ़ावा दिया और उसे ऐसे पाकिस्तानी मौलवी के रूप में भी जाना जाता है जिसने ब्रिटेन की मस्जिदों में जिहाद का पाठ पढ़ाया.

लादने ने दिया था भोज
उन्होंने कहा कि 50 वर्षीय आतंकवादी सरगना इतना प्रभावशाली है कि जब इंडियन एयरलाइंस के अपहृत विमान आईसी 814 को आतंकवादियों के कब्जे से छुड़ाने के बदले में भारत ने उसे कंधार में 31 दिसंबर 1999 को रिहा किया था तो लादेन ने उसी रात उसके लिए भोज आयोजित किया था. अजहर को 1994 में जम्मू-कश्मीर में जिहाद का पाठ पढ़ाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.