नई दिल्लीः अभी तक पूरे देश ने नागरिकता कानून को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन देखा लेकिन अब सड़कों पर इसके समर्थन में लोगों का हुजूम उठने लगा है. पिछले दो हफ्तों से ज्यादा समय से पूरे देश में भ्रम की स्थिति बनी और देखते देखते विरोध की आग ने कई राज्यों को अपनी चपेट में ले लिया. रविवार को महाराष्ट्र के नागपुर में नागरिकता कानून के समर्थन में लाखो लोग सड़कों पर उतरे और विशाल तिरंगा रैली निकाली गई. सभी लोगों ने शांति पूर्वक मार्च निकाला.

नागरिकता कानून के समर्थन में इस रैली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भारतीय जनता पार्टी और लोक अधिकार मंच के कार्यकर्ताओं ने के साथ साथ आज जनता के हजारों लोगों ने भाग लिया. इस रैली में हजारो मीटर लंबा तिरंगा लोगों ने अपने हांथों से पकड़ रखा था. सभी लोग इस कानून के समर्थन में नारे लगाते नजर आए. लोगों का कहना है कि हम रैली से यह संदेश देना चाहते हैं कि इस तरह के कानून से देश का हित है और इसमें किसी भी नागरिक को कोई खतरा नहीं है.

 

आपको बता दें कि शनिवार को देशभर के 1100 शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और वैज्ञानिकों ने केंद्र सरकार के इस फैलसे का समर्थन भी किया था और उन्होंने कहा था कि हमें इस बात कि खुशी है कि सरकार धार्मिक रूप से परेशान किए गए लोगों के लिए कारगर कदम उठा रही है.

महाराष्ट्र ही नहीं कर्नाटक में भी नागरिकता कानून के समर्थन में कई लोगों ने प्रदर्शन किया. बैंगलुरू में सीएए और एनआरसी के सपोर्ट में रैली निकाली गई. आपको बता दें जब से राज्य सभा में सीएबी पास हुआ है तब से लगातार इसको लेकर विरोध हो रहा है. कई राज्यों में सुरक्षा के लिहाज से लगातार इंटरनेट और एसएमएस सर्विस बंद है.

प्रदर्शनकारी लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं. वहीं यूपी में इन विरोध प्रदर्शन में अब तक 15 लोगों ने अपनी जान गवाई है. यूपी में सोमवार तक के लिए कई शहरों में इंटरनेट सर्विस बंद कर दी गई है. सीएम योगी आदित्नाथ ने कहा है कि प्रदर्शनकारी उपद्रवियों की पहचान करके उनकी समपत्ति जब्त करके नुकसान की भरपाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर हिंसा कतई नहीं बर्दाश्त की जाएगी.