नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने गुरुद्वारों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने लंगर आइटम्स पर लगने वाले गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) हटाने का फैसला किया है. अब तक लंगर और प्रसाद पर भी जीएसटी लगता था. इन आइटम्स पर लिए गए 300 करोड़ रुपए की सब्सिडी भी सरकार ने लौटाने का फैसला किया है.बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने इस संबंध में केंद्र सरकार से मांग की थी. केंद्र में मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इस मुद्दे को वित्त मंत्री अरुण जेटली के समक्ष भी उठाया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है.

केंद्र सरकार से पूर्व पंजाब सरकार ने स्वर्ण मंदिर में लंगर के लिए खरीदे जाने वाले सामान पर लगने वाले जीएसटी में अपना हिस्सा छोड़ने का फैसला लिया था. इसका ऐलान खुद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में किया था. राज्य सरकार ने एक प्रस्ताव को पारित कर केंद्र की मोदी सरकार से भी इस बात का अनुरोध किया था कि वह स्वर्ण मंदिर में लंगर में काम आने वाले समानों से जीएसटी पूरी तरह से हटा दे.

मोदी सरकार के इस फैसले की सराहना करते अकाली दल प्रधान ने इसे सही कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार का एतिहासिक फैसला है. उनके इस फैसले से सिख और अन्य धर्मों के लोगों को राहत मिलेगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस खर्च को खुद अदा करेगी.

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने शुक्रवार को ट्वीट किया, सेवा भोग योजना के माध्यम से गुरुद्वारा में परोसे जाने वाले लंगर पर सेंट्रल जीएसटी और स्टेट जीएसटी खत्म करने के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद. उन्होंने सिखों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उनके हित में फैसला किया है. गौरतलब है कि देशभर में चलने वाले गुरुद्वारे हर दिन लगभग 10 लाख लोगों का पेट भरते हैं.