
Farha Fatima
फ़रहा फ़ातिमा 2015 से जर्नलिज़्म में हैं. नौकरी की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की. तकरीबन 7 सालों तक नेटवर्क 18 में काम किया. वर्तमान में India.com हिंदी के साथ काम ... और पढ़ें
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित त्रिकुटा पहाड़ियों पर बसे श्री माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा को खराब मौसम की चेतावनी के कारण 5 से 7 अक्टूबर 2025 तक अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है. यह निर्णय श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की सलाह पर लिया है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. स्थगित करने का मुख्य कारण मौसम की चेतावनी है. IMD ने 5 से 7 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से भारी बारिश, बर्फबारी, भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने की आशंका जताई है. त्रिकुटा पहाड़ियों का इलाका पहले से ही भूस्खलन-प्रवण है, जहां हाल के दिनों में कटड़ा से भवन तक के रास्तों पर कई जगह चट्टानें खिसक चुकी हैं.
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह कदम पूरी तरह से भक्तों की जानमाल की रक्षा के लिए उठाया गया है. यात्रा के दौरान पहाड़ी रास्तों पर बारिश से खतरा बढ़ जाता है. क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के कारण मौसम एक बड़ी चुनौती है. यह स्थगन केवल 3 दिनों का है. मौसम सुधरते ही लाखों भक्त फिर से माता के दर्शन को पहुंचेंगे. इस घोषणा के बाद देशभर से आने वाले भक्तों ने अपनी योजनाएं बदलनी शुरू कर दी हैं. बोर्ड ने उनसे अनुरोध किया है कि वे यात्रा न करें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. सोशल मीडिया पर कई पोस्ट्स में श्रद्धालु निराशा जता रहे हैं, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं.
पुनः आरंभ: मौसम अनुकूल होने पर यात्रा 8 अक्टूबर 2025 से सामान्य रूप से दोबारा शुरू की जाएगी. इस दौरान बोर्ड सफाई, मरम्मत और सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने का काम करेगा.
यात्रा स्थगित रहने के कारण कटड़ा आधार शिविर पर पंजीकरण काउंटर बंद रहेंगे. ऑनलाइन बुकिंग भी प्रभावित हो सकती है. श्राइन बोर्ड ने अपील की है कि श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट (www.maavaishnodevi.org) (www.maavaishnodevi.org) या सोशल मीडिया हैंडल (@ShrineBoard) पर नियमित अपडेट चेक करें.
यात्रा की योजना बनाने से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें. बोर्ड ने कहा है आपकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. श्राइन बोर्ड के हेल्पलाइन नंबर 01991-273275 से जानकारी लें. मौसम अपडेट के लिए IMD की वेबसाइट चेक करें.
अगस्त 2025 में भारी बारिश और भूस्खलन से 34 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी, 20 घायल हुए थे. तब यात्रा 22 दिनों तक (26 अगस्त से 17 सितंबर) यात्रा पूरी तरह बंद रही थी. अगस्त 2025 में अर्धकुंवारी में लैंडस्लाइड हुआ था. यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई थी, रोपवे सेवा बंद की गई थी.
सितंबर 2025 में भी लगातार बारिश से ट्रैक खराब होने की वजह से यात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की गई थी. तब 7 दिनों तक बंद रही थी, होटल-धर्मशालाएं खाली करने के आदेश दिए गए थे.
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