Maternity Leave In India Update: केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री संतोष गंगवार (Union Minister for Labour and Employment Santosh Gangwar) ने कहा है कि भारत श्रमशक्ति भागीदारी में लैंगिक अंतर कम करने के लिए सामूहिक प्रयास कर रहा है. महिलाएं अब रात के समय भी काम कर सकती हैं. उन्होंने कहा कि देश शिक्षा, प्रशिक्षण, कुशलता, उद्यमिता विकास और समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित कर रहा है. गंगवार यहां बुधवार को जी-20 श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक में घोषणा और कार्य समूह प्राथमिकताओं पर मंत्रिस्तरीय संबोधन कर रहे थे.Also Read - PM Mudra Yojana: मुद्रा लोन से शुरू करें अपना कारोबार, सरकार देती है 10 लाख तक की मदद, जानें कैसे करें अप्लाई

मंत्री ने कहा कि मजदूरी पर नई संहिता, 2019 से मजदूरी, भर्ती और रोजगार की शर्तों में लिंग आधारित भेदभाव कम होगा. सभी प्रतिष्ठानों में सभी प्रकार के कार्य के लिए महिलाएं हकदार हैं. नियोक्ताओं को उनकी सुरक्षा और काम के घंटों के प्रावधान सुनिश्चित करने होंगे. महिलाएं अब रात के समय भी काम कर सकती हैं. Also Read - Tips: मैटरनिटी लीव के बाद दोबारा ज्वाइन कर रही हैं ऑफिस तो इन बातों का रखें खास ख्याल

गंगवार ने बताया कि सवैतनिक मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) की अवधि 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दी गई है. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) में महिला उद्यमियों को छोटे उद्यम शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता दी गई है. इस योजना के तहत 9 हजार बिलियन रुपए के जमानत मुक्त ऋण वितरित किए गए हैं. इस योजना में लगभग 70 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं. Also Read - मैटरनिटी लीव: 7 हफ्तों की सैलरी का सरकार कंपनी को करेगी भुगतान

श्रम और रोजगार मंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा संबंधी नई संहिता में अब स्वरोजगार और कार्य बल के अन्य सभी वर्गों को भी सामाजिक सुरक्षा कवरेज के दायरे में शामिल किया जा सकता है. असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए 2019 में शुरू की गई स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना में 60 वर्ष की आयु के बाद न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन का प्रावधान है. (IANS Hindi)