नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) ने अब अपने एजेंडे में देश की बढ़ती जनसंख्या को शामिल कर लिया है. आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत ने जनसंख्या वृद्धि के मुद्दे पर कहा है कि अब देश में दो बच्चों के कानून की जरूरत है. उन्होंने साफ किया है कि काशी और मथुरा संघ के लिए मुद्दा नहीं हैं. संघ प्रमुख भागवत ने यह बात उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में चल रहे संघ के एक कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को कही. संघ प्रमुख इन दिनों चार दिवसीय मुरादाबाद प्रवास पर हैं. Also Read - RSS worker killed in Kerala: केरला में दो संगठनों की झड़प में आरएसएस कार्यकर्ता की मौत

सूत्रों के मुताबिक, उनका कहना है कि इसके लिए जनसंख्या वृद्धि पर सोचना होगा. उन्होंने हालांकि यह भी साफ किया कि इस संबंध में अंतिम फैसला सरकार को लेना है. सूत्रों के मुताबिक, संघ प्रमुख ने यह भी कहा कि “राम मंदिर का एजेंडा हमारा प्रमुख एजेंडा था. अब बहुत जल्द भव्य राम मंदिर बनेगा.” साथ ही संघ प्रमुख ने यह भी कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट बन जाने के बाद संघ राम मंदिर के मुद्दे से बिल्कुल अलग हो जाएगा. भागवत ने कहा कि “काशी और मथुरा संघ के मुद्दे में न थे और न भविष्य में होने वाले हैं. संघ अब देश में दो बच्चों वाले कानून के लिए जागरूकता अभियान चलाएगा और संघ इसके लिए कानून बनाए जाने के लिए प्रयास करेगा. Also Read - Kerala: Alappuzha में SDPI वर्कर्स से झड़प में RSS कार्यकर्ता की हत्‍या, BJP और Hindu संगठनों ने बंद बुलाया

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नागरिकता संशोधन कानून पर पीछे हटने की जरूरत नहीं
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर संघ प्रुख ने कहा कि इस पर पीछे हटने की जरूरत नहीं है. ध्यान रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 15 अगस्त को अपने लालकिले के भाषण में जनसंख्या विस्फोट का मुद्दा उठाया था और लोगों से परिवार नियोजन अपनाने की बात कही थी. इस मुद्दे पर कई सरकारी, गैर सरकारी और सामाजिक संस्थाएं लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चला रही हैं. इस प्रवास पर उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ प्रांत और ब्रज प्रान्त के संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठकें हो रही हैं. इस दौरान संघ प्रमुख आनुषांगिक संगठनों की बैठक में शिरकत करने के अलावा कई अन्य बैठकों में भी जाएंगे.