नई दिल्‍ली: दिल्ली पुलिस ने निजामुद्दीन पश्चिम में इस महीने की शुरुआत में बड़ी धार्मिक सभा की अगुवाई करने वाले मौलाना साद बीते 28 मार्च से गायब है और दिल्‍ली पुलिस मौलाना साद और उसके साथ‍ियोंं की तेजी से तलाश कर रही है. Also Read - पूर्व पाक गेंदबाज ने कहा- खाली स्टेडियम में टी20 विश्व कप का आयोजन सही नहीं

बता दें कि दिल्‍ली पुलिस ने मंगलवार को मौलाना के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया है. मौलाना साद समेत 6 लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में डॉ. जीशान, मुफ्ती शहजाद, एम सैफी, यूनुस और मोहम्‍मद के नाम हैं. दिल्‍ली पुलिस ने इनके खिलाफ कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कोई जनसभा आयोजित नहीं करने और सामाजिक दूरी बनाए रखने संबंधी सरकारी आदेशों के उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज किया है. Also Read - देश में 24 घंटे में कोरोना के 9,851 नए मामले, संक्रमितों का आंकड़ा 2 लाख 26 हजार के पार

बता दें इंडोनेशिया और मलेशिया समेत अनेक देशों के 2500 से अधिक प्रतिनिधियों ने एक से 15 मार्च तक हजरत निजामुद्दीन में तबलीगी जमात में भाग लिया था. रविवार रात को मरकज में रह रहे कई लोगों में कोविड-19 के लक्षण नजर आने लगे थे और अर्द्धसैन्य अधिकारियों ने पूरे इलाके को सील कर दिया था, लेकिन इस आयोजन के कारण वायरस के फैलने के दिल्‍ली समेत कई राज्‍यों में फैलने के मामले सामने आ रहे हैं.

दिल्‍ली के डिप्‍टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बताया कि निजामुद्दीन मरकज़ से निकाले गए 2,361 लोगों में से 617 अस्पताल में भर्ती और बाकियों को पृथक रखा गया है. कोविड-19 के मद्देनजर निजामुद्दीन मरकज़ से 2,361 लोगों को निकाला गया और यह अभियान 36 घंटे चला.